कार में अक्सर बैटरी की समस्या आती है। सफर से पहले कार की बैटरी को चेक करें कि क्या वो सही से काम कर रही है। अगर बैटरी हल्की होगी या फिर खत्म हो गई होगी तो आपको समय पर पता चल जाएगा। साथ ही ये भी चेक करें कि बैटरी का कनेक्शन सही से हुआ है या नहीं।
कार के इंजन में किसी भी तरह की खराबी पूरी गाड़ी पर असर डालती है। साथ ही फ्यूल एफिशियंसी पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। इसके लिए कई तरह के फेक्टर्स जिम्मेदार हो सकते हैं, जैसे प्लग में स्पार्क्स, इग्नीटेशन कॉइल का खराब होना और फ्यूल इंजेक्टर्स में परेशानी होना शामिल है। इस परेशानी को दूर करने के लिए आपको जिस सिलेंडर में खराबी हुई है, उसकी पहचान करनी होगी। इसके लिए आप ओबीडी-2 स्कैनर की मदद ले सकते हैं।
कार में ओवरहीटिंग की परेशानी एक और अन्य दिक्कतों में शामिल है। ये अक्सर वाटर पंप के खराब होने, रेडिएटर और कूलिंग सिस्टम में किसी तरह की ब्लॉकेज होने पर होती है। इसके लिए आपको नियमित तौर पर कूलेंट लेवल की जांच करनी होगी। ये भी देखें कि कूलेंट सिस्टम में किसी तरह की लीकेज या डैमेज तो नहीं है। किसी भी उपकरण के डैमेज या खराब होने पर उसे बदल दें।
कार में अक्सर ब्रेकिंग सिस्टम की परेशानी होती है। नियमित तौर पर ब्रेक के पेड्स और रोटर्स की जांच करते रहे। अगर आप समय-समय पर ब्रेकिंग सिस्टम की जांच करते रहेंगे तो इससे आप आरामदायक और सुरक्षित सफर कर पाएंगे। ब्रेकिंग के किसी भी पार्ट में परेशानी होने पर उसे फौरन बदल देना चाहिए।
गाड़ी में इलेक्ट्रिकल की परेशानी होने पर अक्सर लाइट और डिमिंग सही से काम नहीं करते हैं। इसके साथ ही पावर विंडो और सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम भी काम करना बंद कर देते हैं। ऐसे में आप इस परेशानी को खुद ही ठीक कर सकते हैं, इसके लिए आपको जरूरी इलेक्ट्रिकल वायरिंग चेक करनी होगी। इसका ध्यान रखना होगा कि सभी कनेक्शन सही ढंग से लगे हुए हो। अगर कुछ ज्यादा दिक्कत लगे तो एक अच्छे मैकेनिक को बुलाना चाहिए।