किसी भी वाहन को चलाने के लिए इंजन का होना काफी जरूरी होती है। ऐसे ही इंजन को चलाने के लिए चार चीजों की जानकारी होना काफी जरूरी होता है। ये चार चीजें कौन सी हैं। आइए जानते हैं।
अक्सर लोग कार चलाते समय इंजन से जुड़ी चार चीजों की जानकारी नहीं रखते। लेकिन इनके बिना किसी भी तरह के वाहन को चलाना असंभव होता है। हम इस खबर में आपको इंजन से जुड़ी चार चीजों की जानकारी दे रहे हैं। जिससे आपको भी जानकारी मिले कि इनका किसी भी वाहन में क्या काम होता है।
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क्या होता है सीसी का मतलब
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Car turbo engine
किसी भी कार में इंजन की क्षमता को सीसी में बताया जाता है। इसे क्यूबिक कैपेसिटी भी कहते हैं। वाहन के इंजन में एक सिलेंडर होता है। यह उस सिलेंडर के अंदर का कुल वॉल्यूम होता है। जिस वाहन में सिलेंडर के अंदर जितनी भी खाली जगह होती है वाहन उतने ही सीसी का होता है।
बीएचपी का मतलब ब्रेक हॉर्स पावर होता है। किसी भी तरह के वाहन की जानकारी देने के लिए कंपनियां बीएचपी का उपयोग करती हैं। आमतौर पर इसे हॉर्स पावर भी कहा जाता है। इससे पहियों को शक्ति मिलती है वो उतनी ही ज्यादा होती है। छोटी कारों में अधिकतम 100 से 120 बीएचपी की पावर मिलती है। मीडियम साइज की कारों में 120 से 200 बीएचपी और सुपरकारों और हाई परफॉर्मेंस वाली कारों में इससे ज्यादा बीएचपी की ताकत होती है।
अक्सर जब भी किसी वाहन के इंजन की क्षमता की जानकारी दी जाती है तो एनएम यानि कि न्यूटन मीटर जैसे शब्द का भी उपयोग किया जाता है। इसके जरिए वाहन को ज्यादा तेजी से आगे बढ़ाया जाता है। अगर किसी वाहन का एनएम ज्यादा होगा वह उतनी ही जल्दी पिकअप लेगा।
आरपीएम का उपयोग कार में इंजन के चलने की स्पीड से जोड़ा जाता है। कार का इंजन जितनी तेजी से चलेगा उसे मिनट के साथ जोड़कर नापा जाता है। इसलिए इसे रन पर मिनट भी कहा जाता है। इंजन का क्रैंकशॉफ्ट एक मिनट में कितनी बार घूमता है यह इसकी जानकारी देता है। इसके साथ ही हर पिस्टन अपने सिलेंडर में कितनी बार ऊपर और नीचे होता है यह जानकारी कार के स्पीडोमीटर में मिलती है।