कार की सुरक्षा के लिए एबीएस और ईबीडी फीचर होना चाहिए। यह फीचर कार के ब्रेकिंग से संबधित है। मगर देश में बिकने वाली ज्यादातर कारों में यह फीचर नहीं मिलता है। एबीएस सिस्टम ब्रेक लगाने के दौरान कार के पहियों को लॉक होने से बचाता है। ऐसे में गाड़ी का संतुलन सही रहता है। वहीं, ईबीडी फीचर ब्रेक लगाने पर उसकी ताकत को चारों पहियों में बराबर बांट देता है, ताकि गाड़ी का संतुलन ठीक रहे।
अगर आप नई कार खरीदने वाले हैं तो कार में रिवर्स कैमरा सेंसर्स होना चाहिए। यह फीचर गाड़ी चलाते पीछे से आने वाले ट्रैफिक को देखने में मदद करता है। साथ ही कार को पार्क करते वक्त बेहद उपयोगी साबित होता है। इस सुविधा की वजह से कार पार्किंग में किसी अन्य व्यक्ति की जरूरत नहीं होती है। साथ ही कार किसी अन्य वाहन से टकराती नहीं है। मगर यह फीचर फिलहाल सीमित कारों में ही उपलब्ध है।
कार की सेफ्टी के लिए डबल फ्रंट एयरबैग फीचर कार में होना चाहिए। इस सुविधा की वजह से गाड़ी में आगे बैठे यात्रियों की सुरक्षा काफी बढ़ जाती है। किसी भी हादसे के दौरान यही फीचर सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि फ्रंट एयरबैग ही यात्री की जान बचाने का काम करता है। कार का हादसा होने पर कार के सेंसर्स बहुत तेजी से काम करते हैं और बैग में हवा भर जाती है। इसके बाद यही बैग आगे वाले यात्रियों के लिए एक सॉफ्ट सहारा बन जाते हैं।
कार में बैठे सवारियों के लिए सीट बेल्ट प्री-टेंशनर फीचर होना चाहिए। अगर नई कार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो यह सुविधा जान बचा सकती है। इस फीचर की वजह से यात्री की पॉजिशन ठीक रहती है और हादसे होने की स्थिति में अगर यात्री ने सीट बेल्ट पहनी हुई थी तो चोट लगने का खतरा काफी कम हो जाता है।
कार में सुरक्षा के लिए स्पीड सेंसर डोर लॉक-अनलॉक की सुविधा भी होनी चाहिए। इस फीचर की मदद से यात्रियों को काफी फायदा होता है। कई बार वाहन चालक कार के दरवाजों को लॉक करना भूल करना जाता है। ऐसे में कार की एक निर्धारित गति होने पर यह फीचर दरवाजों को खुद ही बंद कर देता है। ऐसे में यह सुविधा कार में बैठे यात्रियों के लिए काफी लाभदायक रहती है।