भारतीय कार मालिक जल्दी करते हैं अपग्रेड
दुनिया के मुकाबले भारतीय कार खरीदार अपनी गाड़ी जल्दी बदल लेते हैं। पहले जहां सेकंड हैंड कार की औसत उम्र 6-7 साल होती थी, अब वो घटकर 4 साल रह गई है। इसका मतलब यह है कि लोग पहले के मुकाबले बहुत जल्दी अपनी गाड़ी बेचकर नई गाड़ी खरीदने लगे हैं।
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कब तक रखें कार
अगर आप अपनी कार को अच्छे से चलाते हैं और नियमित रूप से उसकी सर्विस करवाते हैं। तो आपकी कार कई वर्षों तक बिना किसी बड़ी परेशानी के चल सकती है। आमतौर पर एक नई कार को 10 साल या उससे ज्यादा समय तक रखा जा सकता है। लेकिन यह कई बातों पर निर्भर करता है। जैसे कि आप कितना ड्राइव करते हैं, कार की देखभाल कैसे करते हैं, और उसका रखरखाव कैसा है।
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क्यों लोग 5 साल में ही बेच देते हैं गाड़ी
अक्सर देखा गया है कि लोग 5 साल के अंदर ही अपनी कार बेच देते हैं, ताकि उन्हें अच्छी रीसेल वैल्यू मिल सके या जब गाड़ी की वारंटी खत्म होने लगे। समय के साथ-साथ कार का रख-रखाव महंगा होता चला जाता है। लेकिन असली वजह होती है कार की वैल्यू में गिरावट यानी डिप्रिशिएशन।
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डीजल बनाम पेट्रोल - किसकी उम्र ज्यादा?
आजकल की ज्यादातर कारें भरोसेमंद होती हैं, लेकिन डीजल कारों को पेट्रोल के मुकाबले ज्यादा मेंटेनेंस की जरूरत होती है। इसलिए कार कितने साल चलेगी, ये आपके इस्तेमाल, जरूरत और देखभाल पर निर्भर करता है। अगर सही ढंग से देखभाल की जाए, तो आज की आधुनिक कारें वर्षों तक बिना बड़ी दिक्कत के चल सकती हैं।
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