जापान की चार कार निर्माता कंपनियों ने अपनी कारों के एयरबैग में खराबी के चलते दुनियाभर से 34 लाख कारों को वापस लेने का फैसला किया है।
इनमें से सबसे ज्यादा कारें टोयोटा ने वापस मंगाई हैं। कंपनी ने एयरबैग सिस्टम में खराबी को दुरुस्त करने के लिए 17.3 लाख कारों को वापस (रीकॉल) लेने की घोषणा की है।
इसके तहत जनवरी से जून 2003 के दौरान भारत में बेची गई कोरोला मॉडल के साथ ही कोरोला फील्डर, टूंड्रा, यारिस, कैमरी, अवेंसिस और वियॉस सहित कुछ और मॉडल को वापस मंगाया जाएगा।
टोयोटा इंडिया ने बताया है कि कंपनी द्वारा किए गए ग्लोबल रीकॉल के तहत कंपनी भारत में जनवरी से जून 2003 तक बनाई व बेची गई कोरोला कारों के मालिकों से संपर्क करेगी।
रीकॉल के तहत कारों की खामी को बिना कोई शुल्क लिए दूर किया जाएगा। कारों की खामी के बारे में कंपनी प्रवक्ता ने बताया कि अगले एयरबैग के इनफ्लेटर प्रोपेलेंट की मैन्यूफैक्चरिंग संबंधी खामी है।
इस कमी से दुर्घटना होने पर तत्काल एयरबैग खुलने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। जानकारी के मुताबिक टोयोटा इस रीकॉल के तहत दुनिया भर में 17.3 लाख कारों को वापस बुला रही है।
इसी तरह जापान की दूसरी कार निर्माता कंपनियां होंडा, निसान और माजदा भी अपनी गाड़ियों की कमी को दूर करने के लिए वापस बुला रही है।
होंडा दुनिया भर से 11.3 लाख कारों को वापस ले रही है, जबकि निसान पांच लाख और माजदा 45,000 कारों को वापस ले रही है।
होंडा और निसान कारों की बिक्री 2000-04 के दौरान की गई थी। बीबीसी पर प्रकाशित खबर के मुताबिक कंपनियों ने बताया कि खराब पुर्जे की आपूर्ति ताकाता कॉर्पोरेशन द्वारा की गई है।