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CAFE 3 Norms: नई कैफे 3 नॉर्म्स का ड्राफ्ट जारी, छोटी कारों और हाइब्रिड्स को मिलेगा फायदा

Sat, 27 Sep 2025 08:53 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) ने कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल इकॉनमी (CAFE) 3 नॉर्म्स का नया ड्राफ्ट पेश किया है, जो अप्रैल 2027 से लागू होंगे। इन नॉर्म्स का मकसद गाड़ियों से निकलने वाले CO2 उत्सर्जन को और कड़ा करना है।
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Vehicle Emissions - फोटो : PTI
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विस्तार
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ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) ने कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल इकॉनमी (CAFE) 3 नॉर्म्स का नया ड्राफ्ट पेश किया है, जो अप्रैल 2027 से लागू होंगे। इन नॉर्म्स का मकसद गाड़ियों से निकलने वाले CO2 उत्सर्जन को और कड़ा करना है। लेकिन अच्छी बात यह है कि इसमें छोटी कारों (4 मीटर से कम), सीएनजी, फ्लेक्स-फ्यूल और हाइब्रिड वाहनों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक और रेंज-एक्सटेंडेड हाइब्रिड (REE) वाहनों को खास प्रोत्साहन मिलेगा।
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क्या कहता है नया ड्राफ्ट
ड्राफ्ट के मुताबिक, पहले साल औसत CO2 उत्सर्जन सीमा को घटाकर 88.4 ग्राम प्रति किलोमीटर कर दिया जाएगा। इसके बाद आने वाले वर्षों में यह और घटकर 71.5 ग्राम प्रति किलोमीटर तक जाएगी। यह मौजूदा CAFE 2 नॉर्म्स (113 ग्राम प्रति किलोमीटर) से काफी सख्त है। दिलचस्प बात यह है कि 2024 के ड्राफ्ट में यह सीमा 91.7 ग्राम प्रति किलोमीटर रखने का प्रस्ताव था।

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सबसे ज्यादा फायदा किसे
नई नीति के तहत 4 मीटर से कम लंबाई और 1200cc इंजन वाली गाड़ियों को उनके CO2 उत्सर्जन आंकड़े से 3.0 ग्राम प्रति किलोमीटर की अतिरिक्त छूट मिलेगी।

इसके अलावा, एक क्रेडिट सिस्टम भी लागू होगा, जिसमें इलेक्ट्रिक, फ्लेक्स-फ्यूल, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड और रेंज-एक्सटेंडेड हाइब्रिड गाड़ियों को ज्यादा वेटेज मिलेगा। इससे कंपनियां ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले मॉडल्स का असर बैलेंस कर सकेंगी।

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क्रेडिट सिस्टम इस तरह होगा:
बैटरी EV / REE - 3.0 क्रेडिट

प्लग-इन हाइब्रिड / स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड (फ्लेक्स-फ्यूल एथेनॉल) - 2.5 क्रेडिट

स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड EV - 2.0 क्रेडिट

फ्लेक्स-फ्यूल एथेनॉल वाहन - 1.5 क्रेडिट

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कार्बन न्यूट्रलिटी फैक्टर
ड्राफ्ट में कार्बन न्यूट्रलिटी फैक्टर भी शामिल किया गया है। मतलब, कुछ गाड़ियों के लिए उनके घोषित CO2 उत्सर्जन पर छूट दी जाएगी।

E20 और E30 पेट्रोल पर चलने वाली कारें - 8% तक छूट

CNG वाहन - 5% तक छूट

फ्लेक्स-फ्यूल और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड - 22.3% तक छूट

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कंपनियों के लिए कॉम्प्लायंस पूल
ऑटो कंपनियां आपस में मिलकर 3 ओरिजिनल इक्यूप्मेंट मैन्यूफेक्चर्र (OEM) तक का पूल बना सकेंगी। इनकी कुल बिक्री के आधार पर औसत CO2 उत्सर्जन निकाला जाएगा। अगर कोई पूल नॉर्म्स तोड़ेगा तो उसकी जिम्मेदारी पूल मैनेजर पर होगी।

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नए टेस्टिंग स्टैंडर्ड
2026 से कंपनियों को गाड़ियों का CO2 उत्सर्जन मिक्स्ड इंडियन ड्राइविंग साइकिल (MIDC) और वर्ल्डवाइड हार्मोनाइज्ड लाइट व्हीकल्स टेस्ट प्रोसीड्यूर (WLTP) के आधार पर मापना होगा। इसके अलावा, उन्हें ईंधन खपत को लीटर प्रति 100 किलोमीटर में रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा। 

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