आग की स्थिति कितनी गंभीर थी?
भीषण आग के कारण आसमान में काला धुआं फैल गया और बहुमंजिला इमारत के बड़े हिस्से में लपटें फैलती नजर आईं। मौके पर फायर ब्रिगेड और पुलिस को तैनात किया गया। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। जिन्हें कई अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने भी देखा और इसकी पुष्टि की।
EV और पेट्रोल-डीजल (ICE) वाहनों की आग में क्या अंतर होता है?
जैसा कि आम तौर पर देखा जाता है, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) में आग लगने का तरीका पारंपरिक पेट्रोल-डीजल (ICE) वाहनों से अलग होता है। ईवी में आग अधिक समय तक जल सकती है और इसे बुझाना कठिन होता है। क्योंकि इसमें दोबारा आग लगने की संभावना रहती है।
आमतौर पर ईवी बैटरी पैक में सैकड़ों से हजारों लिथियम-आयन सेल्स होते हैं, जो एक-दूसरे के बेहद करीब होते हैं। गर्मी इन सेल्स के बीच फैलती है और एक चेन रिएक्शन शुरू हो जाता है, जो खुद ही चलता रहता है। यहां दोबारा आग लगने की स्थिति कई दिनों तक बनी रह सकती है।
ईवी में आग लंबे समय तक इसलिए रहती है क्योंकि बैटरी पैक खुद एक केमिकल रिएक्शन के जरिए गर्मी पैदा करता रहता है। कई बार दिखाई देने वाली आग बुझने के बाद भी अंदर छिपे सेल्स दोबारा आग पकड़ सकते हैं। इसका मतलब है कि भले ही ऐसे मामलों की संख्या कम हो, लेकिन आग बुझाने की चुनौती ज्यादा होती है।
अन्य खबर में, ब्राजील सरकार ने बीवाईडी को उन कंपनियों की सूची में शामिल कर दिया है, जिन पर मजदूरों के साथ “गुलामी जैसे हालात” में काम कराने के आरोप लगे हैं।
यह कार्रवाई 2024 में सामने आए एक बड़े विवाद के बाद की गई है, जिसमें चीनी मजदूरों के मानव तस्करी और शोषण जैसे मामलों का आरोप था।
यह ‘शर्म की सूची’ क्या है?
ब्राजील के श्रम मंत्रालय द्वारा जारी इस सूची में उन कंपनियों को शामिल किया जाता है, जिन्होंने मजदूरों के साथ अमानवीय या अवैध परिस्थितियों में काम कराया हो।
इसमें शामिल होने से कंपनी की छवि को नुकसान होता है और कुछ वित्तीय सुविधाओं पर भी असर पड़ता है।
भारत में BYD की मौजूदगी कैसी है?
वर्तमान में BYD भारत में Atto 3, Seal, Sealion 7 और eMAX 7 मॉडल बेचती है। जबकि Sealion 6 और Atto 2 जल्द लॉन्च होने वाले हैं। भारतीय बाजार में कंपनी को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और यह अपने सेगमेंट में मजबूत प्रतिस्पर्धा कर रही है।