बाइक के मुकाबले स्कूटर की माइलेज कम ही आती है, ऊपर से पेट्रोल की कीमतें कभी कम तो कभी ज्यादा होती रहती हैं जिससे माइलेज पर भी असर पड़ता है। अगर आप भी अपने स्कूटर की कम माइलेज से परेशान हैं और सच में स्कूटर की माइलेज बढ़ाना चाहते हैं तो यहां हम आपको 7 ऐसे जबरदस्त उपाय बता रहे हैं जिनकी मदद से फ्यूल की खपत कम होगी। आइए जानते हैं
यह आम बात है कि लोग अपने स्कूटर की सर्विस टाइम पर नहीं करवाते, जिसकी वजह से इंजन पर असर पड़ता है और फ्यूल की खपत ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में स्कूटर की मैन्युअल बुक में देखें की कब-कब सर्विस करवाने की सलाह दी गई है, उसी हिसाब से सर्विस कराएं तो यक़ीनन माइलेज में इजाफा होगा।
सर्विस के दौरान तो एयर फिल्टर की सफाई होती ही है लेकिन आप कोशिश कीजिये की हर 500-1000 किलोमीटर के बीच ही इसकी सफाई करा लें। क्योकिं शहरों में इतना ज्यादा प्रदूषण होता है कि एयर फिल्टर जल्दी गन्दा होने लगता है, अगर यह नियमित रूप से साफ़ होगा तो इंजन की परफॉरमेंस बढ़ेगी साथ ही माइलेज में भी इजाफा होगा।
बेहतर माइलेज के लिए हमेशा स्कूटर की रफ्तार 40 से 50 kmph ही रखें, ऐसे करने से गाड़ी स्मूथ रहती है, इंजन बेहतर ढंग से काम करता है और फ्यूल की खपत कम होती है जिससे माइलेज बढ़ती है। और सबसे बड़ी बात कम स्पीड में स्कूटर भी आपके कंट्रोल में रहेगा जिससे दुघर्टना होने के चांस काफी कम हो जाते हैं।
अक्सर देखा है लोग खड़ी गाड़ी में बार बार एक्सलेटर देते हैं और कई बार चलती गाड़ी को एक दम से हाई एक्सलेटर करने लगते हैं, यदि आप ऐसा करते हैं तो इंजन पर तो लोड परता ही है साथ फ्यूल की खपत अचानक से बढ़ जाती है और माइलेज कम होने लगती है, इसलिए ऐसा करने से बचें।
वैसे तो कई इंजन ऑयल कंपनियां दावा करती हैं कि उनका ऑयल 10 हजार किलोमीटर तक चलता है किसी का 5000 किलोमीटर चलता है, लेकिन यहां हकीकत कुछ और ही है। जिसन तरफ से शहरों में ट्रैफिक की समस्या ज्यादा है वहां पार इंजन ऑयल अधिक समय तक नहीं चलता और काला पड़ने अथवा कम होने लगता है ऐसे में हर 2000-2500 किलोमीटर पर एक बार ऑयल चेक कर लें और जरूरत पड़ने पर बदलवा लें।
जहां एक तरफ एयर फिल्टर की नियमित सफाई जरूरी है तो वही इसे तय समय पर बदलवा लेना चाइये। हर 10,000 से 12,000 किलोमीटर के बीच स्कूटर के एयर फिल्टर को बदल लेना चाहिए।
7.स्पार्क प्लग की सफाई है खास
स्कूटर में स्पार्क प्लग का भी अहम् रोल होता है, इसलिए इसकी सफाई बेहद जरूरी है। इसलिए समय-समय पर स्पार्क प्लग को चेक करें और जरूरत पड़ने पर उसे तत्काल बदलें।