आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कार खरीदते समय शून्य डेप्थ इंश्योरेंस मिलता है, जो कि कार में छोटी-मोटी खराबी और टूट-फूट का खर्च कवर करती है। ऐसे में अगर इंजन में कोई बड़ी खराबी आ जाए तो इसका खर्च खुद ही उठाना पड़ता है।
नई कार खरीदते वक्त कार के लिए इंश्योरेंस के दो विकल्प होते हैं। कंप्रेहेंसिव इंश्योरेंस और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस। थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कार से किसी हादसे के दौरान सामने वाले व्यक्ति और वाहन को हुए नुकसान की भरपाई करता है। वहीं, कंप्रेहेंसिव इंश्योरेंस किसी हादसे में खुद की गाड़ी को हुए नुकसान को कवर करता है। मगर ये दोनों ही इंश्योरेंस कार के इंजन को कवर नहीं करते हैं।
कार के इंजन को हमेशा ठीक रखने के लिए कंप्रेहेंसिव इंश्योरेंस में ऐड ऑन कवर लिया जा सकता है। ऐड ऑन कवर में कई तरह का लाभ मिलता है। इस कवर में पर्सनल कवर, शून्य डेप, रोड साइड सहायता, इंजन को सुरक्षा, की एंड लॉक को सुरक्षा मिलता है। इस तरह से कार के इंजन के लिए अलग से बीमा लिया जा सकता है। कार को मिलने वाला जीरो डेप कवर पांच से सात साल तक की कार को ही मिलता है। अगर कार इससे ज्यादा साल पुरानी है तो कंपनियां जीरो डेप कवर नहीं देती हैं।