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Battery Swapping Policy: नीति आयोग ने ईवी बैटरियों को लेकर की बैठक, इस साल लागू हो सकती है ये नीति, जानें आपको क्या होगा फायदा

Wed, 08 Jun 2022 03:46 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार इस साल बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी लागू करने का लक्ष्य तय कर रही है। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मंगलवार को NITI Aayog (नीति आयोग) में एक अहम बैठक भी हुई।
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Electric Car - फोटो : Unsplash
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विस्तार
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देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार इस साल बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी लागू करने का लक्ष्य तय कर रही है। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मंगलवार को NITI Aayog (नीति आयोग) में एक अहम बैठक भी हुई। इस बैठक में सभी संबंधित मंत्रालयों ने भाग लिया।
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रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में बैटरी के standardization (मानकीकरण) पर चर्चा हुई है। एक ही तरह के सभी वाहनों के लिए एक स्टैंडर्ड बैटरी होगी। इसके अलावा, बैटरी सहित और बिना बैटरी वाले वाहनों के लिए टैक्स संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा की गई है। 

Bounce Infinity Electric Scooter - फोटो : Bounce
गौरतलब है कि भारत सरकार ने 5 जून तक बैटरी स्वैपिंग नीति पर सभी हितधारकों से सुझाव मांगे थे। मसौदे पर सुझाव के बाद यह पहली बैठक है। इसके अलावा जल्द ही ऑटो कंपनियों की बैठक भी बुलाई जा सकती है। खबर के मुताबिक ARAI (एआरएआई) और BIS (बीआईएस) वाहनों के डिजाइन पर काम कर रहे हैं। 

रिपोर्ट के मुताबिक उपभोक्ता मामलों के विभाग के सचिव रोहित कुमार सिंह ने बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा निर्धारित किए जाने वाले इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बैटरी के बेंचमार्क मानक इस क्षेत्र में इनोवेशन और मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त लचीले होंगे। चार-पहिया ईवी वाहनों के लिए बैटरी के मानक बाद में तैयार किए जाएंगे। 

Electric Car - फोटो : Unsplash
सरकार उठा रही है कई कदम
भारत महत्वाकांक्षी रूप से स्वच्छ गतिशीलता की ओर बढ़ रहा है और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) इसे हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। भारत सरकार ने भारत में (हाइब्रिड और) इलेक्ट्रिक वाहनों (FAME) I और II योजनाओं के साथ-साथ नेशनल प्रोग्राम ऑन एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (ACC) पर राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए एक उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना बैटरी के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के लिए बैटरी स्टोरेज (NPACC) सहित कई पहलों की घोषणा की है। देश में ईवी अपनाने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कई अन्य विकसित नीतियां शुरू की गई हैं। 

Ather Electric Scooter - फोटो : For Reference Only
बैटरी चार्जिंग के विकल्प
आमतौर पर, ईवी 'फिक्स्ड' बैटरी के साथ आते हैं जो वाहन को चार्जिंग पॉइंट में प्लग करके चार्ज किया जाता है जबकि बैटरी वाहन के अंदर रहती है। हालांकि, पूरे भारत में ईवी संचालन को सुचारू बनाने के लिए चार्जिंग सुविधाओं के एक विशाल नेटवर्क की जरूरत है।

एक और व्यवहार्य और अत्यधिक फायदेमंद विकल्प बैटरी स्वैपिंग सर्विसेज (बीएसएस) को अपनाना है जो चार्जिंग के लिए एक तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक विकल्प है। भारत में, बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहन छोटे, आसानी से बदलने वाली बैटरी वाले दोपहिया और तिपहिया वाहन हैं, जो मौजूदा समय में बीएसएस को ज्यादा व्यवहारिक बनाते हैं। सरकार बैटरी स्वैपिंग इकोसिस्टम के निर्माण और अनुकूलन के मकसद से एक मसौदा बैटरी स्वैपिंग नीति और इंटरऑपरेबिलिटी मानकों की शुरुआत की और भारत में बड़े पैमाने पर ईवी अपनाने की दिशा में रास्ता आसान बनाया। 
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Tata Nexon EV - फोटो : Twitter
बैटरी स्वैपिंग नीति के फायदे
अगर सरकार की बैटरी स्वैपिंग नीति इंटरऑपरेबिलिटी के साथ लागू होती है, तो आम आदमी को कई फायदे होंगे। सबसे पहला फायदा यह होगा कि आम लोगों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना आसान हो जाएगा। क्योंकि इनकी कीमत कम होगी। दूसरा फायदा यह होगा कि बैटरी को किराये पर लेकर भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। यानी ग्राहकों अपनी सहूलियत से वहां से बैटरी किराए पर ले सकेगा, जहां उसे ज्यादा सस्ती मिलेगी। 

इसके साथ ही बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी से इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर होने वाली चिंता भी दूर होगी। क्योंकि ग्राहक बैटरी स्वैपिंग स्टेशन पर डिस्चार्ज हो गई बैटरी को फुल चार्ज बैटरी से कुछ ही मिनटों मे बदल सकेंगे। और इससे उन्हें लंबी दूरी के सफर के दौरान बीच रास्ते में बैटरी खत्म होने की चिंता नहीं सताएगी। 
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