फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अगले साल अप्रैल से लागू होगी वाहन कबाड़ नीति, सड़क से हटेंगे 15 तक साल पुराने वाहन

Tue, 26 Jan 2021 05:54 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जुलाई 2019 में वाहन कबाड़ नीति को शामिल करने को लेकर मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन किया गया था। इसके तहत पुराने वाहनों को सड़क से हटाने और नए सुरक्षित और कम प्रदूषण पैदा करने वाले वाहनों के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की नीति बनाई गई थी...
विज्ञापन
15 years old vehicles scrap - फोटो : For Refernce Only
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सरकार पिछले कुछ दिनों से वाहन कबाड़ नीति पर काम कर रही है। लगातार खबरें आ रही हैं कि सरकार जल्द ही इस पॉलिसी को लागू करने जा रही है। इसका फायदा यह होगा कि इस नीति के लागू होने के बाद पुराने और असुरक्षित वाहन सड़कों से हट जाएंगे, जो अभी भी सड़कों पर चल रहे हैं। साथ इससे प्रदूषण घटाने में भी मदद मिलेगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नई वाहन कबाड़ नीति को मंजूरी दे दी है, साथ ही पुराने वाहनों को कबाड़ में देने के बदले नए वाहन खरीदने के लिए सरकार प्रोत्साहन राशि भी देगी।

विज्ञापन
Trending Videos

मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक नितिन गडकरी ने सरकारी विभाग और सार्वजनिक उपक्रमों के स्वामित्व वाले वाहनों को डी-रजिस्टर करने और उन्हें कबाड़ घोषित करने की नीति को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 15 साल पुराने वाहनों को सड़कों से हटा दिया जाएगा। यह नीति एक अप्रैल 2022 से लागू होगी। फिलहाल सरकार 2022 से इसे लागू करने के लिए संबंधित राज्य सरकारों की मंजूरी का इंतजार कर रही है।

यह नीति उन वाहनों पर लागू होगी, जो 15 साल से पुराने हैं। वहीं इनमें न केवल निजी वाहन शामिल होंगे बल्कि सरकारी और पीएयूवी विभागों की गाड़ियां भी शामिल होंगी। वहीं पॉ़लिसी को लेकर अधिसूचना इसके 01 अप्रैल 2022 से लागू होने से पहले ही जारी की जाएगी।

जुलाई 2019 में वाहन कबाड़ नीति को शामिल करने को लेकर मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन किया गया था। इसके तहत पुराने वाहनों को सड़क से हटाने और नए सुरक्षित और कम प्रदूषण पैदा करने वाले वाहनों के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की नीति बनाई गई थी।

क्या होंगे वाहन कबाड़ नीति के फायदे

  • नई वाहन कबाड़ नीति के आने से भारत में वायु प्रदूषण के स्तर में काफी हद तक कमी आएगी।
  • साथ ही इसे देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर को भील फायदा होगा, क्योंकि नए वाहनों की मांग बढ़ेगी।
  • सरकार लगातार वाहनों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नए सुरक्षा मानक लागू कर रही है, इस नीति से पुराने असुरक्षित वाहन सड़कों से हटेंगे।
  • नए सुरक्षा मानक वाले वाहनों से सड़क पर आने से यात्रा सुरक्षित बनेगी।
  • इसके अलावा सरकार तेल आयात पर अपनी निर्भरता कम करना चाहती है, इलेक्ट्रिक वाहनों के आने से सरकार का यह उद्देश्य पूरा हो सकता है।

ठीक रखरखाव के बावजूद प्रदूषण

पिछले कुछ सालों में भारत के वाहन बाजार में काफी गति आई है। अगर पुराने प्रदूषण उत्सर्जन मानकों से तुलना करें, तो साल 2005 से पुराने वाहन नए मानकों से 10 से 25 फीसदी तक ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं। यहां तक कि अगर इन वाहनों का रखरखाव सावधानी से भी किया जाए, तो भी वे उत्सर्जन मानकों से ज्यादा प्रदूषण करेंगे। साथ ही सड़क सुरक्षा के लिए भी हानिकारक हैं।
विज्ञापन

वाहनों का डाटाबेस भी बनेगा

साथ ही इस नीति में गाड़ी में लगे एयरबैग्स को वैज्ञानिक तरीकों से डिस्पोजल के साथ साइलेंसर में मिलने वाली धातुओं और रबर का इको-फ्रेंडली तरीके से निपटान किया जाएगा। वहीं गाड़ी से निकलने वाले इंजन ऑयल को जमीन पर नहीं फैंका जाएगा, बल्कि वैज्ञानिक तरीकों से निपटा जाएगा। स्टील मंत्रालय ऐसे स्क्रैपिंग सेंटर्स पर काम कर रहा है और सड़ मंत्रालय इन्हें मान्यता देगा। साथ ही, किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए ऐसे वाहनों का डाटाबेस भी बनाया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें