वजीरानी ऑटोमेटिव नाम की भारतीय कंपनी ने अपनी पहली हाइपरकार "वजीरानी शूल' को लांच कर दिया है। इस कार को डिजाइन करने वाले चंकी वेजिरानी के बताया कि इस कार की बैट्री का वजन 300 किलो है जिसे चार्ज करके आसानी से चलाया जा सकता है।
हालांकि यह कोई हाई-स्पीड कार नहीं है। इस कार को बनाते समय खास तौर पर हैंडलिंग और ब्रेक सिस्टम का खासा ध्यान रखा गया है। वजीरानी शू के हर पहिए में चार इलेक्ट्रिक मोटर लगी हैं जो कि इसे फुली इंडिपेंडेंट टॉर्क प्रोवाइड करेंगी। ये मोटर सिंगल रेशो गियरबॉक्सेज से चलते हैं।
इस कार की खास बात यह है कि इसमें कार्बन फाईबर का इस्तेमाल किया गया है जिससे इसका वजन काफी कम हो गया है। साथ ही यह कार पूरी तरह से इकोफ्रेंडली है। कार की बाहरी शेप का आकार काफी छोटा और आकर्षक बनाया गया है।
चंकी भारत के पहले ऐसे डिजाइनर हैं जो जगुआर लैंड रोवर और रोल्स रोयस जैसी बड़ी कंपनियों के साथ काम कर चुके हैं। देखा जाए तो वेजिरानी की जड़ें भारत से जुड़ी हैं और वह चाहते हैं कि इस कार को भारत में तैयार किया जाए, लेकिन भारत में इसे बनाना मुश्किल है। बता दें कि फिलहाल इसका कार्यलय कैलिर्फोनिया में स्थित है।