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Used Cars: नई कारों से इसलिए मुंह मोड़ रहे हैं ग्राहक, 'सातवें आसमान' पर पहुंच चुके हैं पुरानी गाड़ियों के दाम

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 30 Mar 2022 02:00 PM IST

सार

मारुति सुजुकी के एग्जीक्य़ूटिव डायरेक्टर शशांक श्रीवास्तव का कहना है कि पिछले एक साल में पुरानी कारों की कीमतों में सात से आठ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वह कहते हैं कि कई ग्राहक जब बाजार जाते हैं तो उन्हें पता चलता है कि जिस कार वे खरीदारी करना चाहता हैं उसकी तो कीमतें बढ़ चुकी हैं...
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Used Car - फोटो : Agency (File Photo)


श्रीवास्तव कहते हैं कि पिछले 10 सालों में कारों की कीमतों में तेजी से गिरावट आई है क्योंकि कई राज्यों ने पुराने वाहनों के लिए कबाड़ नीति की घोषणा कर दी है। वहीं ग्राहक लंबे समय के लिए कारों को रखना चाहते हैं, जो पिछले 12 महीनों में बढ़ कर 8 से 9 साल तक पहुंच गया है। वे आगे कहते हैं कि 2020-21 में नई कार के बदले पुरानी कार एक्सचेंज में देने वालों की तादाद में कमी आई है, जो 28 फीसदी से गिर कर 18 फीसदी हो गया है। हालांकि अब ये फिर से थोड़ा-थोड़ा बढ़ रहा है, इस साल फरवरी में एक्सचेंज करने वालों की संख्या 19 फीसदी तक पहुंच गई।


वह कहते हैं कि मारुति के प्री-ओन्ड कार बिजनेस ट्रू वैल्यू की बात करें, तो वित्तवर्ष 2022 में 2021 के मुकाबले 15 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। 2021 में ट्रू वैल्यू ने 270,000 पुरानी कारें बेची थीं, जो 2022 में बढ़ कर 310,000 तक पहुंच गईं।

सप्लाई कम मांग ज्यादा

वहीं मौजूदा दिमाही में महिंद्रा फर्स्ट चॉइस व्हील्स से बिकने वाली गाड़ियों की बिक्री में भी तेजी देखी गई है। महिंद्रा फर्स्ट चॉइस व्हील्स के सीईओ और एमडी आशुतोष पांडे कहते हैं कि पिछले कुछ महीनों ने साल-दर-साल 100 फीसदी की बढ़ोतरी देखी जा रही है। अकेले चौथी तिमाही में ही पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले गाड़ियां बेची जा चुकी हैं। वह कहते हैं कि पुरानी कारों के साथ हमेशा से सप्लाई की दिक्कत रही है, लेकिन हाल ही में इस गैप में और वृद्धि हुई है, जिससे कीमतों में पांच से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखी गई है।



हालांकि, ऑनलाइन कार खरीदने और बेचने वाली कंपनियां कारों की स्थिर आपूर्ति देख रही हैं। यूज्ड कारों ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस कार्स24 के को-फाउंडर गजेंद्र जांगिड़ कहते हैं कि हम देख रहे हैं कि हमारी संख्या हर महीने बढ़ती जा रही है। हमें लगातार आपूर्ति मिल रही है क्योंकि हम एक एंड-टू-एंड यूज्ड कार प्लेटफॉर्म हैं। वह कहते हैं कि ग्राहक अपनी मौजूदा कारों को हमारे प्लेटफॉर्म पर बेचते हैं, और फिर एक नई कार के बजाय एक महंगी यूज्ड कार में अपग्रेड करते हैं।

कीमत 3.99 लाख रुपये से 4.84 लाख रुपये तक पहुंची

वहीं ये ट्रेंड निचले स्तर पर दिखाई दे रहा है या जो लोग टू-व्हीलर से खुद को अपग्रेड होना चाहते हैं। ओएलएक्स ऑटो के सीईओ अमित कुमार कहते हैं कि ओएलक्स ऑटो पर सबसे पॉपुलर हैचबैक्स में स्विफ्ट, ऑल्टो, और आई10 हैं। वहीं XUV500, नोवा और स्कॉर्पियो भी लोगों में काफी लोकप्रिय हैं। वह कहते हैं कि फर्स्ट टाइम बायर्स मांग को बढ़ा रहे हैं, जिनकी संख्या तरकीबन 40 फीसदी है। वहीं पुरानी कारों पर फाइनेंस विकल्प होने से भी इस सेक्टर में तेजी आई है। वह बताते हैं कि उनके प्लेटफॉर्म पर पुरानी कार की औसतन कीमतों में साल-दर-साल 17 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। जो कार जनवरी 2021 में 3.99 लाख रुपये थी, वह इस साल जनवरी 2022 में बढ़ तक 4.84 लाख रुपये तक पहुंच गई।

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