Union Power Minister R K Singh inaugurating public EV charging plaza
- फोटो : EESL
एनर्जी एफिशिएंसी (ऊर्जा दक्षता) को बढ़ाने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने दिल्ली के चेल्म्सफोर्ड क्लब में भारत के पहले सार्वजनिक ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) चार्जिंग प्लाजा का उद्घाटन किया। पांच चार्जिंग पॉइंट्स के साथ प्लाजा में ऐसी और अधिक सुविधाएं शुरू करने की उम्मीद है। ये शुरुआत ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट करने के लिए एक प्रयास है, जिसकी देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को तुरंत जरूरत है।
सोमवार को चार्जिंग प्लाजा के उद्घाटन के मौके पर सिंह ने कहा "भारत में ई-मोबिलिटी को सर्वव्यापी और सुविधाजनक बनाने के लिए ईवी चार्जिंग प्लाजा एक नई पहल है। इस तरह की अभिनव पहल देश में एक मजबूत ई-मोबिलिटी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए जरूरी है। इसके लिए मैं ईईएसएल और एनडीएमसी दोनों को बधाई देता हूं।"
उद्घाटन किए गए EV चार्जिंग प्लाजा की स्थापना Energy Efficiency Services Limited (EESL), एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड ने नई दिल्ली म्यूनिसिपल काउंसिल (NDMC) के सहयोग से की गई थी। ईईएसएल का दावा है कि वह भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग का पता लगाने और ऐसे वाहनों के लिए सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन (पीसीएस) संचालित करने के नए व्यापार मॉडल की पहचान करने के काम की अगुवाई कर रही है। एनडीएमसी के सहयोग से ईईएसएल ने मध्य दिल्ली में भारत का पहला सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग प्लाजा स्थापित किया है। इसमें पांच विभिन्न स्पेसिफिकेशन्स वाले इलेक्ट्रिक वाहन चार्जर लगाए गए हैं।
ईवी प्लाजा के उद्घाटन पर बोलते हुए, विद्युत मंत्रालय के सचिव संजीव नंदन सहाय ने कहा कि कई तरह के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग की सुविधा वाले ये प्लाजा देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का काम करेंगे। इससे उपभोक्ताओं के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग परेशानी मुक्त और सुविधाजनक हो जाएगी।
इलेक्ट्रिक वाहन अभी भी भारत में एक नवजात अवस्था में हैं भले ही हाल के दिनों में इसमें तेजी से प्रगति हुई हो। इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत ज्यादा होने के अलावा, इनकी रेंज की चिंता और इन्हें सपोर्ट करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दे ग्राहकों की प्रमुख चिंताएं हैं।
केंद्रीय मंत्री ने ईईएसएल और यूएसएआईडी की संयुक्त पहल - इंडोर एयर क्वालिटी फॉर सेफ्टी एंड एफिशिएंसी में सुधार के लिए एयर कंडीशनिंग व्यवस्था को और सक्षम बनाने की प्रणाली लांच की।
उन्होंने इस अवसर पर कहा कि उनका मानना है कि इससे पूरे देश में कार्यक्षेत्रों में खराब वायु गुणवत्ता को सुधार कर उसे स्वास्थ्य के लिहाज से हरित और बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह इस पहल की सफलता की कामना करते हैं। उन्होंने ईईएसएल और यूएसएआईडी दोनों को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं।
काफी समय से भारत में हवा की खराब गुणवत्ता चिंता का विषय बनी हुई है और विशेष रूप से कोरोना संक्रमण के समय में इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है। कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर काम करने वाले लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कार्यस्थलों के भीतर वायु गुणवत्ता बनाए रखना जरुरी है।
इस संदर्भ में, ईईएसएल ने पायलट परियोजना के तौर पर नई दिल्ली के स्कोप भवन में स्थित अपने कार्यालय में एयर कंडीशनिंग और वेंटिलेशन सिस्टम का रेट्रोफिट किया है। यह यू.एस. एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट्स (यूएसएआईडी) के साथ साझेदारी में इमारतों के लिए विकसित की गई ऊर्जा दक्षता और वायु गुणवत्ता में सुधार की पहल है।
ईईएसएल के अनुसार इस पायलट परियोजना के बहुत प्रभावशाली परिणाम दिखे हैं। वायु गुणवत्ता में लगभग 80 फीसदी का सुधार दिखा है। कोविड के मौजूदा दौर में कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ईईएसएल इस प्रणाली को तय मानकों के साथ देशभर में लागू करने का इच्छुक है।
दोनों पहलें विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित "मैं संकल्प लेता हूं" अभियान के तहत ईईएसएल और अन्य प्रमुख हितधारकों द्वारा पर्यावरण संरक्षण और एक लचीले ऊर्जा क्षेत्र के निर्माण की प्रतिज्ञा की पुष्टि करती हैं।