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Vehicle Scrapping: नोएडा में मारुति के वाहन स्क्रैपिंग सेंटर का नितिन गडकरी ने किया उद्घाटन, होंगे बहुत से फायदे, जानें डिटेल्स

Tue, 23 Nov 2021 07:25 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को नोएडा में Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) और Toyota Tsusho Group (टोयोटा त्सुशो समूह) की एंड-ऑफ-लाइफ वाहनों (ईएलवी) के लिए सरकार द्वारा अनुमोदित पहली स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया।
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Union Minister Nitin Gadkari inaugurates the vehicle scrapping unit jointly developed by Maruti Suzuki and Toyota in Noida on Tuesday - फोटो : Twitter/@nitingadkari
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को नोएडा में Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) और Toyota Tsusho Group (टोयोटा त्सुशो समूह) की एंड-ऑफ-लाइफ वाहनों (ईएलवी) के लिए सरकार द्वारा अनुमोदित पहली स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया। 10,993 वर्ग मीटर में फैले इस सुविधा केंद्र को Maruti Suzuki Toyotsu India Private Limited (मारुति सुजुकी टोयोत्सु इंडिया प्राइवेट लिमिटेड) चलाएगी। 
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44 करोड़ रुपये के निवेश से बनाया गया स्क्रैपेज प्लांट, केंद्र की वाहन स्क्रैपेज नीति के अनुसार है। इस सुविधा केंद्र में हर महीने 2,000 वाहनों को स्क्रैप करने की क्षमता होगी और एक वाहन को स्क्रैप करने में तीन घंटे से थोड़ा अधिक समय लगेगा।

क्या होंगे इसके फायदे
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, गडकरी ने कहा, "प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए स्क्रैपेज नीति प्रमुख कारकों में से एक होगी। पुरानी कारें नई कारों की तुलना में बहुत ज्यादा प्रदूषण फैलाती हैं, इसलिए उन्हें चरणबद्ध तरीके से स्क्रैप किए जाने की जरूरत है। हम उम्मीद करते हैं कि स्क्रैपेज पॉलिसी के कारण बिक्री 10-12 फीसदी बढ़ेगी।" उन्होंने आगे कहा, "पुराने वाहन प्रदूषण का कारण बनते हैं जो समाज के लिए एक बड़ी समस्या है। अर्थव्यवस्था के लिए स्क्रैपिंग बहुत महत्वपूर्ण है। हमें सभी कच्चे माल कम लागत पर मिलेंगे जिससे हम उत्पादन लागत कम कर सकते हैं।" 
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Union Minister Nitin Gadkari inaugurates the vehicle scrapping unit jointly developed by Maruti Suzuki and Toyota in Noida - फोटो : Twitter/@nitingadkari
मारुति का अहम सुझाव
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के एमडी और सीईओ केनिची आयुकावा ने कहा, "कई देशों की तरह, हमें एक ऐसी नीति की जरूरत है, जहां हर 3 से 4 साल में वाहनों की फिटनेस की जांच की जाए। हमें 15 साल इंतजार करने की जरूरत नहीं है।"

रोजगार बढ़ेगा
गडकरी ने यह भी कहा कि केंद्र देश के हर जिले में कम से कम कुछ ऐसे वाहन रीसाइक्लिंग या स्क्रैपिंग केंद्र शुरू करने की योजना बना रहा है। मंत्री ने कहा कि इस तरह के कदम से न सिर्फ पुरानी कारों को खत्म करने की प्रक्रिया में आसानी होगी। बल्कि अधिक रोजगार भी पैदा होगा, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।

Union Minister Nitin Gadkari inaugurates the vehicle scrapping unit jointly developed by Maruti Suzuki and Toyota in Noida - फोटो : Twitter/@nitingadkari
जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य
गडकरी ने कहा, "ऑटो सेक्टर का सालाना टर्नओवर 7.5 लाख करोड़ रुपये है। इसे अगले 5 साल में 15 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है। भारत का लक्ष्य साल 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन करना है और यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मुझे विश्वास है कि स्कैपिंग नीति समाधानों में से एक है," ।

स्क्रैपिंग से मिलेगी टैक्स में छूट
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि सरकार पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के बाद खरीदे जाने वाले वाहनों पर अधिक टैक्स संबंधी रियायतें देने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा, "स्क्रैपेज नीति के कारण केंद्र और राज्यों दोनों का जीएसटी राजस्व बढ़ेगा। मैं वित्त मंत्रालय के साथ चर्चा करूंगा कि नई वाहन कबाड़ नीति के तहत अधिक (टैक्स-संबंधित) रियायतें कैसे प्रदान की जाएं।" 
 

Union Minister Nitin Gadkari inaugurates the vehicle scrapping unit jointly developed by Maruti Suzuki and Toyota in Noida - फोटो : Twitter/@nitingadkari
क्या है नई वाहन कबाड़ नीति
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल अगस्त में राष्ट्रीय ऑटोमोबाइल स्क्रैपेज नीति लॉ़न्च की थी। राष्ट्रीय वाहन कबाड़ नीति अगले साल अप्रैल से लागू होगी। व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी नियम, जिन्हें केंद्रीय मोटर वाहन (23 वां संशोधन) नियम, 2021 कहा जाने की संभावना है, एक अप्रैल, 2022 से लागू होंगे।

स्वैच्छिक वाहन स्क्रैपिंग नीति का उद्देश्य पुराने और अनफिट वाहनों को चरणबद्ध तरीके से खत्म करना है। इसके अनुसार व्यक्तिगत वाहनों के लिए 20 वर्षों के बाद ऑटोमेटेड सेंटर में फिटनेस टेस्ट करना अनिवार्य होगा, जबकि कमर्शियल वाहनों को 15 वर्षों के बाद टेस्ट से गुजरना होगा।

इस नीति में ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्ट के लिए निजी वाहनों के लिए 20 साल और वाणिज्यिक वाहनों के लिए 15 साल की सीमा तय की गई है। यदि मालिक ऐसे पुराने वाहनों को स्क्रैप करने का फैसला लेते हैं, तो इस नीति के तहत उन्हें एक नया वाहन खरीदने पर 5 प्रतिशत इंसेन्टिव मिलेगा।
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Union Minister Nitin Gadkari inaugurates the vehicle scrapping unit jointly developed by Maruti Suzuki and Toyota in NoidaTwitter/@nitingadkari - फोटो : Twitter/@nitingadkari
पुरानी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराना होगा महंगा
निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने वाले वाहनों का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। 15 वर्ष से ज्यादा पुराने वाहनों के मालिकों को पंजीकरण नवीनीकृत (रजिस्ट्रेशन रिन्यू) करने के लिए आठ गुना अधिक भुगतान करना होगा। अभी पुरानी गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन को रिन्यू कराने का चार्ज 600 रुपये है। नई पॉलिसी में 15 वर्ष से अधिक पुरानी कारों के लिए रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल फीस 5,000 रुपये तय की गई है।

इसी तरह, 15 साल पुरानी बाइक के रजिस्ट्रेशन को रिन्यू कराने के लिए मौजूदा 300 रुपये की फीस की बजाए 1,000 रुपये देने होंगे। इंपोर्ट की गईं बाइक और कारों के लिए रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल फीस ज्यादा महंगा होगी। आयातित बाइक की ये फीस 10,000 रुपये और आयातित कार के लिए 40,000 रुपये की फीस लगेगी।

15 साल से अधिक पुराने बस या ट्रक के फिटनेस रिन्यूअल सर्टिफिकेट के लिए 12,500 रुपये लगेंगे। अभी इसके लिए 1500 रुपये की फीस देनी होती है। अगर गाड़ी मीडियम गुड्स या यात्री वाहन है तो उसकी फीस 10,000 रुपये होगी। 
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