Toyota Kirloskar Motor (टोयोटा किर्लोस्कर मोटर) (टीकेएम) ने कहा है कि उसने अपनी प्रीमियम हैचबैक कार Glanza (ग्लैंजा) की 6,500 यूनिट को रिकॉल किया है। कंपनी इन कारों में खराब ईंधन पंप की गड़बड़ी की वजह से वापस मंगाया है। कंपनी की ग्लैंजा मूल रूप से मारुति सुजुकी की बलेनो का ही रूप है।
टीकेएम ने एक बयान में कहा है कि "कस्टमर फर्स्ट के सिद्धांत पर चलते हुए और अपने ग्राहक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कंपनी 2 अप्रैल 2019 और 6 अक्टूबर 2019 के बीच बनी ग्लैंजा की सभी कारों को स्वैच्छिक तौर पर वापस मंगा रही है। कंपनी अपने ऑथराइज्ड डीलरों के जरिए ग्राहकों से संपर्क करेगी।"
इसके साथ ही देश की सबसे बड़ी कार बनाने वाली कंपनी Maruti Suzuki India (मारुति सुजुकी इंडिया) (एमएसआई) ने भी कहा है कि खराब ईंधन पंप की जांच और उसे बदलने के लिए उसने 1,34,885 WagonR (वैगन-आर) और Baleno (बलेनो) मॉडल की कारें वापस मंगाई हैं।
कंपनी इन कारों में फ्यूल पंप में आई खराबी की जांज करने और उन्हें बदलने के लिए इन कारों को वापस ले रही है। मारुति इस दौरान WagonR के 1-लीटर इंजन वाले उन मॉडल्स को वापस मंगा रही है, जिनकी बिक्री 15 नवंबर, 2018 से लेकर अक्टूबर 15, 2019 के बीच हुई हैं। वहीं, कंपनी की तरफ से Baleno के पेट्रोल इंजन वाले उन मॉडल्स को रिकॉल किया गया है, जिनकी बिक्री 8 जनवरी, 2019 से लेकर नवंबर 4, 2019 तक के बीच हुई हैं। इन दोनों ही कारों की संख्या मिला दी जाए तो कंपनी 1,34,885 वाहनों को रिकॉल कर रही है।
मारुति के बयान के मुताबिक 15 नवंबर, 2018 से अक्टूबर 15, 2019 तक के बीच खरीदे गए WagonR के 1-लीटर इंजन वाले 56,663 यूनिट्स को रिकॉल किया जाएगा। कंपनी इन मॉडल्स की जांच करेगी और अगर इनमें कोई खराबी पाई जाती है, तो उन्हें ठीक करके ग्राहकों को वापस उनकी गाड़ियां लौटा दी जाएंगी।
मारुति ने बताया कि 8 जनवरी, 2019 से नवंबर 4, 2019 तक के बीच खरीदे गए Baleno के पेट्रोल इंजन वाले 78,222 यूनिट्स को वापस मंगाया जाएगा। इन यूनिट्स की भी जांच की जाएंगी और खराबी पाई जाने पर उन्हें ठीक किया जाएगा। इसके बाद ग्राहकों को उनकी कारें वापस लौटा दी जाएंगी।
कंपनी ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया के लिए ग्राहकों से किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा अगर खराब पार्ट को बदला जाता है, तो उसका खर्च कंपनी उठाएगी।
टोयोटा और सुजुकी ने मार्च 2018 में भारतीय बाजार में एक दूसरे को हाइब्रिड और अन्य वाहनों की आपूर्ति के लिए बुनियादी समझौता किया था। इसी समझौते के तहत टीकेएम ने एमएसआई से बलेनो लेकर उसके डिजाइन में कुछ बदलाव कर उसे अपनी ग्लैंजा के रूप में बेचा।