25 दिसंबर के बाद से आरटीओ ऑफिस में केवल उन्हीं चार पहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन होगा, जिनमें फास्टैग लगा होगा। देशभर में इसके लिए सभी वाहन डीलरों को इसकी पहले ही जानकारी दे दी गई थी। सभी डीलरों को साफ निर्देश दिया गया है कि वो इस नियम का सख्ती से पालन करें।
FASTag (फास्टैग), गाड़ी के विंडशील्ड पर लगाया गया एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कनेक्शन डिवाइस है, जिससे टोल प्लाजा पर ड्राइवर को अपनी गाड़ी को रोकना नहीं पड़ता है। रेडियो फ़्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी (RFID) से लैस, डिवाइस का इस्तेमाल टोल शुल्क लेने के लिए सीधे प्रीपेड वॉलेट या उससे जुड़े बैंक खाते से किया जाता है। आसान भाषा में कहें तो FASTag का इस्तेमाल करना बहुत आसान है। यह एक प्रीपेड कार्ड है, जिससे टोलप्लाजा पर आपको रुकने और कैश लेनदेन करने की जरूरत नहीं है।
फास्टैग की सुविधा को सबसे पहले टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम को कम करने के लिए लाया गया था। दरअसल पहले टोल टैक्स के लिए टोल प्लाजा पर गाड़ियों की लंबी लाइनें लगती थीं। इससे लोगों को काफी इंतजार करना पड़ता था। वहीं, इस दौरान ईंधन की खपत होती थी। ऐसे में सरकार की तरफ से इस परेशानी को खत्म करने के लिए फास्टैग की सुविधा दी गई। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों में भारी कमी आई है। बता दें कि मौजूदा समय में देश के 695 टोल प्लाजा पर यह सेवा उपलब्ध है।
वाहन मालिक एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस, सिटी यूनियन बैंक जैसे बैंकों की शाखाओं या ऑनलाइन सेवाओं से FASTags खरीद सकते हैं। इसके अलावा FASTag को NHAI के सभी टोल प्लाजा, PayTM, ई-कॉमर्स वेबसाइट जैसे अमेजन, और रोड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) कार्यालयों पर जारी किया जा रहा है। ऑनलाइन टैग खरीदने के लिए ग्राहकों के लिए एक 'माई फास्टैग' एप भी उपलब्ध है।