Tesla Retail Outlets : अमेरिका स्थित दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी Tesla (टेस्ला) की भारत में अपने वाहनों की बिक्री शुरू करने की योजना को पिछले कुछ महीनों में कई बाधाओं का सामना करना पड़ा है। जिसके चलते कंपनी को भारत में अपनी लॉन्चिंग की तारीख को धीरे-धीरे आगे बढ़ाना पड़ा। कंपनी अब मौजूदा मुद्दों को हल करने और अपने वाहनों की बिक्री शुरू करने के लिए भारत सरकार के साथ बातचीत कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब यह जानकारी सामने आई है कि टेस्ला ने पूर्ण स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट स्थापित करने में शामिल प्रक्रिया का पता लगाने के लिए सरकार के साथ बातचीत शुरू कर दी है। यानी टेस्ला रिटेल आउटलेट्स का मालिकाना हक अपने पास रखना चाहती है। सिंगल-ब्रांड रिटेल रूट के तहत कंपनी को भारत में सीधे कार बेचने के लिए स्थानीय सोर्सिंग मानदंडों सहित प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) दिशानिर्देशों का पालन करने की जरूरत है।
एफडीआई दिशानिर्देशों का पालन जरूरी
elon musk
- फोटो : For Reference Only
टेस्ला ने पहले ही सरकार को पत्र लिखकर अपने इंपोर्टेड इलेक्ट्रिक वाहनों पर लागू उच्च टैक्स को कम करने का अनुरोध किया था। एफडीआई दिशानिर्देशों का पालन करना एक और चुनौती है जिसे टेस्ला को भारत में अपने वाहनों की बिक्री शुरू करने के लिए दूर करना होगा। बता दें कि टेस्ला ने बाहरी डीलर नेटवर्क को चुनने की बजाय विश्व स्तर पर अपना खुद का रिटेल नेटवर्क स्थापित किया है। कंपनी अपने वाहनों की ऑनलाइन बिक्री भी करती है।
सिंगल ब्रांड रिटेल की शर्त
Tesla Model 3
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रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जिन कंपनियों के प्रस्ताव में सिंगल ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी से ज्यादा विदेशी हिस्सेदारी है, उन्हें अपने माल की कीमत का 30 फीसदी भारत से लेना होगा। ऐसी कंपनियों द्वारा भारत में की गई सभी खरीद को स्थानीय सोर्सिंग के रूप में गिना जाएगा - चाहे वह घरेलू या विदेशी बिक्री के लिए हो।
तीन घरेलू निर्माताओं से चल रही है बातचीत
Tesla Model I
- फोटो : Tesla (For Reference Only)
इंडस्ट्री के कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि टेस्ला एक नॉन-डिस्क्लोजर समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद देश से ऑटो कंपोनेंट्स की सोर्सिंग कर रही है। इस बीच, हालिया रिपोर्टों से यह भी संकेत मिलता है कि टेस्ला भारत में स्थानीय सोर्सिंग बढ़ा सकती है और वह कम से कम तीन घरेलू निर्माताओं के साथ बातचीत कर रही है। एफडीआई नियमों के तहत, कंपनी अपने स्थानीय सोर्सिंग मानदंडों को पूरा करने के लिए तीसरे पक्ष के सौदों के मूल्य का हिसाब लगा सकती है, चाहे वह भारत में इस्तेमाल के लिए हो या निर्यात के लिए।
मांग के आधार पर प्रॉडक्शन प्लांट
2021 Tesla Model 3
- फोटो : Tesla
जहां टेस्ला शुरुआत में अपने वाहनों के इंपोर्ट की योजना बना रही है, वहीं कंपनी की योजना स्थानीय उत्पादन और बिक्री सहित भारत में अपने कारोबार का विस्तार करने की है। हालांकि, टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने पहले संकेत दिया था कि वह मांग के आधार पर देश में प्रॉडक्शन प्लांट का निर्माण कर सकते हैं।
ईवी की बाजार हिस्सेदारी एक फीसदी से कम
2021 Tesla Model 3
- फोटो : Tesla
मौजूदा स्थिति यह है कि, बुनियादी ढांचे की कमी और कीमतों के बहुत ज्यादा होने की वजह से भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बाजार हिस्सेदारी एक फीसदी से कम है। अगर सरकार इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) में कटौती के लिए सहमत नहीं हुई, तो टेस्ला के ईवी मॉडल भारत में लगभग दोगुने दामों में बिकेंगे।
टेस्ला को 4 मॉडल्स की इजाजत
2021 Tesla Model 3
- फोटो : Tesla
टेस्ला को इलेक्ट्रिक गाड़ियों के चार मॉडल देश में ही बनाने या उनको आयात करने की अनुमति मिली है। उनको यहां की सड़कों पर चलने लायक होने का सर्टिफिकेट मिल गया है। इससे जुड़ी जानकारी केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की वेबसाइट पर मौजूद है।
कस्टम ड्यूटी में मिल सकती है राहत
Tesla Model S Electric car
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हालांकि खबरों की मानें तो सरकार टेस्ला को कस्टम ड्यूटी में आंशिक कटौती की राहत दे सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए सरकार ने कंपनी से भारत में निवेश की योजना का ब्यौरा मांगा है। उन्होंने बताया कि संबंधित मंत्रालय कंपनी की मांग पर विचार कर रहे हैं और इस विषय पर आखिरी फैसला कंपनी की योजना का ब्यौरा मिलने के बाद लिया जाएगा।