देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी ने हाल में भारत में अपनी डीजल कारें बंद करने का ऐलान किया था। जिसके बाद अब देश की बड़ी कार कंपनी टाटा मोटर्स ने भी डीज़ल कारें बंद करने की तैयारी में है। सोर्स के मुताबिक हुंडई, फोर्ड और टोयोटा जैसी कंपनियां भारत में अपनी डीजल कारें बेचती रहेंगी।
टाटा क्यों बंद कर रही है डीजल कारें?
टाटा मोटर्स के अध्यक्ष यात्री वाहन कारोबार मयंक पारीक ने कहा कि, 'हमारा मानना है कि छोटी और मध्यम आकार की डीजल इंजन वाली कारों की मांग धीमी होने की वजह से छोटी क्षमता के नए इंजन के विकास की लागत अपेक्षाकृत काफी ऊंची बैठेगी।' ऐसे में कंपनी की लागत बढ़ जाएगी। जिसके बाद गाड़ियों के दाम भी बढ़ाने पड़ेंगे और यह स्वाभाविक है की देश में फिर डीजल कारों की बिक्री में गिरावट भी आएगी।
टाटा मोटर्स की डीजल कारें
टाटा मोटर्स फिलहाल एंट्री लेवल सेगमेंट में हैचबैक टियागो को एक लीटर डीजल इंजन के साथ बेचती है। इसके अलावा कंपनी कॉम्पैक्ट सेडान कार टिगोर 1.05 लीटर के डीजल इंजन और पुराने मॉडल की बोल्ट और जेस्ट कारें 1.3 लीटर डीजल इंजन के साथ बेचती है।
एक अप्रैल 2020 से मारुति सुजुकी हटाएगी डीजल वाहन
देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) पहले ही कह चुकी है कि वह एक अप्रैल 2020 से अपने डीजल वाहन हटाएगी। उस समय ही बीएस-छह मानक लागू होने हैं। एमएसएमई का कहना है कि बीएस-छह मानक लागू होने के बाद डीजल कारें काफी महंगी हो जाएंगी और ये छोटी कार के खरीदारों की पहुंच से दूर हो जाएगी।