टाटा मोटर्स अपने पैसेंजर व्हीकल व्यवसाय को बढ़ाने के लिए एक भागीदार की तलाश कर रही है। कंपनी के एक अधिकारी के मुताबिक कंपनी उस साझेदार की तलाश कर रही है, जो अगले एक दशक में विकास के लिए तैयार हो सके। इसके अलावा जो साझेदार नई तकनीक और प्रोडक्ट के लिए भारी निवेश कर सके।
दरअसल इस साल की शुरुआत में, कंपनी के बोर्ड ने एक अलग इकाई बनाने की मंजूरी दी थी, जो पैसेंजर व्हीकल बिजनेस से लेकर इलेक्ट्रिक व्हीकल वर्टिकल को हाउस करे। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक दिग्गज ऑटो कंपनी एक अलग इकाई के रूप में पैसेंजर व्हीकल बिजनेस को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में भी सहयोगी साझेदार की तलाश में है।
टाटा मोटर्स प्रेसिडेंट पैसेंजर व्हीकल बिजनेस यूनिट (पीवीबीयू) शैलेश चंद्र के मुताबिक कंपनी साझेदार की तलाश कर रही है, जिससे आने वाले एक दशक में नई तकनीक और नियमों में महत्वपूर्ण निवेश देखने को मिले।
इससे पहले टाटा मोटर्स ने हाल ही में एक नया मील का पत्थर हासिल किया है। कंपनी ने भारत में अपने 40 लाख पैसेंजर वाहनों के प्रोडक्शन का आंकड़ा पार कर लिया है। Tata Altroz प्रीमियम हैचबैक कंपनी की 40 लाखवीं कार थी, जिसका टाटा मोटर्स ने प्रोडक्शन किया। बता दें कि टाटा मोटर्स ने साल 1988 में पैसेंजर वाहन के बाजार में कदम रखा था। इसके बाद कंपनी ने एक के बाद एक कई शानदार मॉडल्स भारतीय बाजार में लॉन्च किए। साल 1988 के कुछ सालों में ही कंपनी ने Indica, Sierra, Sumo से लेकर Safari और Nano जैसी कारों को भारत में लॉन्च किया। इन कारों को ग्राहकों का बंपर साथ मिला, जिसने टाटा को देश की दिग्गज कार ब्रांड बना दिया।
2020 में कंपनी भारतीय बाजार में हैचबैक, सबकॉम्पैक्ट सेडान और एसयूवी जैसे सेगमेंट में अपनी Tiago, Tigor, Nexon, Harrier और Altroz जैसी कारों से कड़ा मुकाबला दे रही है।