देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने 'वोकल फॉर लोकल' का मंत्र दिया है। हालांकि चीन से चल रहे सीमा विवाद के बाद सरकार ने दूसरे देशों से आयात की बजाए भारत में विनिर्माण क्षेत्र में खुद के पैरों पर खड़े होने पर जोर दिया है। इसी कड़ी में सरकार सौर ऊर्जा (सोलर एनर्जी) से चलने वाली कारों को बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मोदी सरकार देश में सोलर कार निर्माण को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी देने पर विचार कर रही है।
केंद्र ने बनाई पूरी योजना
सोलर कार मैन्युफैक्चरिंग में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक नई नीति का खाका तैयार किया है, जिससे देश में सोलर कार निर्माण के ऑटोमोबाइल कंपनियों को आकर्षित किया जा सके। मोदी सरकार के जो प्लान बनाया है उसके तहत ऑटो कंपनियों को टैक्स में छूट, सब्सिडी, सस्ता लोन और सस्ती जमीन मुहैया कराई जाएगी, जो सोलर कार निर्माण के लिए देश में प्लांट में दिलचस्पी दिखाएंगे। साथ ही अब इस क्षेत्र में बड़े स्तर पर रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ गई है।
सरकार बना रही समिति
इस दिशा में काम को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सरकार जल्द ही एक कमेटी का गठन करेगी। रिपोर्ट के मुताबिक इस कमेटी में वित्त मंत्रालय, पावर-रीन्यूएबल एनर्जी मंत्रालय और भारी उद्योग मंत्रालय और इस क्षेत्र के जुड़े विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा। यह समिति प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को अपने सुझाव देगी कि देश में सोलर कार विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए किस योजना के तहत आगे बढ़ा जाए। सूत्रों के मुताबिक सरकार इस योजना को लेकर काफी संजीदा है।
यात्री वाहन का बड़ा बाजार बनेगा भारत
रिपोर्ट के मुताबिक भारत वर्ष 2021 तक दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा यात्री वाहन बाजार बन सकता है। ऐसे में सोलर एनर्जी के बाजार को लेकर सरकार को बड़ी संभावनाएं दिख रही हैं। देश में फिलहाल Tata Motors (टाटा मोटर्स), TVS Motors (टीवीएस मोटर्स) और Mahindra (महिंद्रा) जैसी ऑटोमोबाइल कंपनियों के पहले से ही सोलर प्लांट हैं।