फिरोदिया ने कहा, ‘ सरकार दीर्घकालीनल दृष्टिकोण नहीं रही है और यह बात इस उद्योग के लिये मददगार नहीं है। स्पष्ट उद्देश्य रखने से उद्योग को भविष्य के निवेश की योजनाएं बनाने में मदद मिलती।’’
उन्होंने कहा कि ईवी के लिये बुनियादी ढांचा और एक पूरे ढांचे की जरूरत है। जीएसटी के बारे में फिरोदिया ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण क्षण था और वाहन उद्योग लंबे समय से इसे सकारात्मक रूप से ले रहा था। ‘उद्योग स्थिर नीति की मांग करता रहा है और ग्राहकों की इस मन: स्थिति में बदलाव का आकांक्षी रहा है कि वाहनों को लग्जरी सामान नहीं समझा जाए ।
फिरोदिया ने कहा कि भारत में अन्य देशों की तुलना में लोगों तक वाहनों की पहुंच कम है। उद्योग बीएस-6 उत्सर्जन मानकों को पूरा करने के लिये करीब एक लाख करोड़ रुपये निवेश करने की प्रक्रिया में है।