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रेनो की लोकप्रिय डस्टर नहीं है सेफ, टेस्ट में हुई फेल

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देश में लोकप्रिय रेनो की डस्टर को क्रैश टेस्ट में 0 अंक मिले हैं। ये अंक कंपनी के बिना एयरबैग वाले मॉडल को मिला। इस क्रैश टेस्‍ट को ग्लोबल एनसीएपी द्वारा सेफर कार्स फॉर इंडिया कैंपेन 2017 के तहत किया गया। यह टेस्ट भारत में बेची जा रही डस्‍टर के बेसिक वेरिएंट एसटीडी और आरएक्सई वेरिएंट पर किया गया। बिना एयरबैग के यह साबित हो गया कि यह कार किसी भी तरह से सेफ नहीं है। जैसा कि आप इस तस्वीर में देख सकते हैं कि टेस्ट के बाद इसमें बैठे डमी यात्री का क्या हाल हुआ। लेकिन पिछली सीट में बच्चों के लिए दिए गए प्रोटेक्‍शन में यह दो अंक हासिल करने में सफल रही। 
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लेकिन एक एयरबैग के साथ आ रही डस्टर आरएक्सएल क्रैश टेस्‍ट में थोड़ा बेहतर साबित हुई। चाइल्ड प्रोटेक्‍शन में भी इस कार ने बढ़िया प्रदर्शन किया और अंक बटोरे। लैटिन एसीएपी में 2015 में इस कार ने सिंगल एयरबैग के साथ 4 अंक बटोरे थे लेकिन यहां के ग्लोबल एनसीएपी में अपने इन्वेस्‍टीगेशन में पाया कि यहां की डस्‍टर कंपनी जो एयरबैग प्रयोग कर रही है वह लैटिन अमेरिका में बिकने वाली डस्टर के एयरबैग से छोटा है। ग्लोबल एनसीएपी ने यह भी पाया कि भारतीय डस्टर में लगा एयरबैग जब फूला तो वह ड्राइवर के सिर के संपर्क में नहीं आया जो कि होना चाहिए था, इसके वजह से दुर्घटना में ज्यादा चोट लगने की संभावना रहती है। 

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जबकि लैटिन अमेरिका में हुए टेस्‍ट में देखा गया था कि उसमें लगे एयरबैग ने बहुत ही अच्छे तरीके से ड्राइवर के सिर व चेस्ट को कवर किया था। एनसीएपी के अनुसार कंपनी को वही एयरबैग यहां भी लगाना चाहिए जो ड्राइवर को सुरक्षित करे सिर्फ खानापूर्ती के लिए एयरबैग का प्रयोग घातक हो सकता है। तो इस तरह से देखें तो यह फ्रेंच कंपनी सिर्फ कारोबार के लिए लोगों की जिंदगियों के साथ खिलवाड़ कर रही है। 
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