स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए केंद्रीय मंत्री रविवार को स्टॉकहोम रवाना हुए थे। कॉन्फ्रेंस सड़क सुरक्षा के संबंध में तय वैश्विक लक्ष्यों-2030 को हासिल करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। 19 और 20 फरवरी को आयोजित इस सम्मेलन का मकसद सड़क सुरक्षा को वैश्विक मुद्दा बनाना और सुरक्षित सड़कों के बारे में वैश्विक समुदाय को नए सिरे से सोचने के लिए प्रेरित करना है।
इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य एजेंडा सड़क सुरक्षा को वैश्विक स्तर पर प्रमुखता देना तथा सुरक्षित सड़कों के लिए विश्व समुदाय की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराना है। सदस्य देशों के प्रतिनिधि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के संयुक्त राष्ट्र के लक्ष्य 2030 को हासिल करने के लिए रोड-मैप तैयार करेंगे।
भारत, दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों समेत अधिकतर विकासशील देशों के द्वारा सड़क सुरक्षा विशेषकर दोपहिया वाहनों की अधिक दुर्घटनाओं तथा कुछ विशिष्ट मुद्दों पर ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। इस सम्मेलन का लक्ष्य इन मुद्दों के समाधान के लिए दुनियाभर में प्रचलित सर्वश्रेष्ठ गतिविधियों को अपनाने पर जोर देना है।
इन देशों में सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले या मरने वालों की एक बड़ी संख्या उनकी है जो मोटर चालित या गैर-मोटर चालित दोपहिया वाहनों का उपयोग करते हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने सड़क सुरक्षा को भी स्वस्थ विकास के लक्ष्यों में शामिल किया है। उसने इसके साथ ही वैश्विक समुदाय से इस संबंध में अपनी प्रतिबद्धता की प्रतिपुष्टि करने की अपील भी की है।
वर्ष 2015 में दूसरे उच्च स्तरीय वैश्विक यातायात सुरक्षा सम्मेलन में गडकरी ने भी भारत की ओर से ‘ब्रासीलिया घोषणा’ पर हस्ताक्षर किए हैं।
स्टॉकहोम में अपने प्रवास के दौरान गडकरी स्वीडन के विदेश व्यापार मंत्री, इंफ्रास्ट्रक्चर मंत्री, बिजनेस, इंडस्ट्री एंडव इनोवेशन मंत्री के साथ ही ब्रिटेन के सड़क सुरक्षा के लिए मंत्री से भी मुलाकात करेंगे। इसके अतिरिक्त वह वर्ल्ड बैंक के उपाध्यक्ष से भी वार्ता करेंगे।