दरअसल पिछले वित्त वर्ष में निसान का शुद्ध लाभ एक दशक के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया था। वहीं कंपनी ने अगले 12 माह तक मुश्किल कारोबार की बात कही है। बताते चलें कि कंपनी बृहस्पतिवार को पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम जारी करेगी, वहीं निसान के प्रवक्ता ने कहा कि वित्तीय परिणाम जारी होने से पहले छंटनी से जुड़ी खबरों पर वह किसी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका एवं यूरोप में कंपनी के वाहनों की बिक्री में कमी, पूर्व प्रमुख कार्लोस घोसन की अचानक गिरफ्तारी एवं फ्रांस की साझीदार रेनो के साथ तनातनी के कारण निसान मुश्किलों का सामना कर रही है
वैश्विक स्तर पर निसान का प्रॉफिट दशक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है, ऐसे में कंपनी दुनियाभर में अगले तीन वर्षों में करीब 12,500 छंटनियां करेगी। इसमें से कंपनी ने 6,400 कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के लिए बोल दिया है जबकि अन्य कर्मचारियों को अगले 3 वर्षों में बाहर कर देगी। बड़ी बात यह है कि इस छंटनी के दायरे में आने वाले कर्मचारियों में 13.5 फीसदी कर्मचारी केवल भारत में हैं। आंकड़ों की माने तो भारत में जहां 1700 कर्मचारियों को निकाला जा रहा है, वहीं अमेरिका में यह संख्या करीब 1,420, मेक्सिको में 1,000, इंडोनिशिया में 830 और जापान में 880 कर्मचारियों को बाहर कर रही है।