पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय में यह पहली बार हुआ है, क्योंकि कंपनी कमजोर मांग और कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव से जूझ रही है।
कंपनी के यह परिणाम फर्म के लिए ताजा झटके हैं। हाल ही में कंपनी ने पूर्व बॉस कार्लोस घोसन की गिरफ्तारी के बाद उपजे घटनाक्रमों से उबरने के लिए काफी संघर्ष किया था। घोषन जमानत के दौरान जापान से भागने के बाद इस समय एक अंतरराष्ट्रीय भगोड़ा है।
उत्पादन में करेगी कटौती
वाहन निर्माता ने कहा कि वह अपने वैश्विक उत्पादन को 20 फीसदी घटा रहा है। कंपनी ने कहा है कि वह मुनाफे में लौटने की कोशिश कर रही है और वह बार्सिलोना में एक प्लांट को बंद करेगी। इस प्लांट में 3,000 लोग काम करते हैं।
फर्म ने कहा कि उसे मार्च तक 671.2 बिलियन येन (6.2 बिलियन डॉलर) का शुद्ध घाटा हुआ है, जबकि एक साल पहले 319.1 बिलियन येन का शुद्ध लाभ हुआ था।
पूर्वानुमान जारी करने से किया मना
कंपनी का कहना है कि वैश्विक महामारी ने सभी क्षेत्रों में इसके उत्पादन, बिक्री और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को "काफी हद तक प्रभावित" किया है।
इसने मौजूदा अनिश्चितता के चलते चालू वित्त वर्ष के लिए कोई भी पूर्वानुमान जारी करने से इनकार कर दिया।
यह नतीजे अनुमान से कहीं बदतर हैं, और अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे ऑटो क्षेत्र के सामने चुनौती पेश करते हैं, क्योंकि वैश्विक महामारी ने लोगों को घर के अंदर रहने के लिए मजबूर कर दिया है।
निसान के संकट के कई कारण
निसान के लिए परिस्थितियों को बदतर बनाने के कई कारण हैं जिसमें कमजोर मांग, घोषन का गिरफ्तारी कांड और Renault (रेनो) और Mitsubishi Motors (मित्सुबिशी मोटर्स) के साथ अपने गठबंधन में तनाव जैसे कारण शामिल हैं।
टोक्यो स्थित रिसर्च एंड कंसल्टिंग फर्म TIW के ऑटो एनालिस्ट सटोरू ताकडा ने कहा, "निसान बेहद कठिन कारोबारी परिस्थिति का सामना कर रहा है।"
'कंपनी की स्थिति अहम चरण में'
ताकडा ने घोषणा से पहले एएफपी को बताया, "कोरोना वायरस ने निसान को उस समय झटका दिया है जब वह पहले से ही अपनी स्थिति सुधारने के लिए संघर्ष कर रहा था।"
उन्होंने कहा, "निसान पहले ही नौकरियों में कटौती कर चुका है, लेकिन अतिरिक्त पुनर्गठन की जरूरत पड़ सकती है।"
उन्होंने कहा, "निसान वी-आकार की वसूली की उम्मीद नहीं कर सकता है। यह एक महत्वपूर्ण चरण में है।"