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मुंबई की शान काली-पीली टैक्सी 'पद्मिनी' का सफर खत्म, जानें क्या है वजह

Sun, 13 Oct 2019 04:32 PM IST
Bani Kalra ऑटो डेस्क, अमर उजाला
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पद्मिनी - फोटो : Social
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मुंबई जैसे बड़े शहर की हमसफर मानी जाने वाली टैक्सी 'पद्ममिनी' का सफर अब खत्म हो गया है। जून 2020 के बाद ये टैक्सियां मुंबई की सड़कों पर पूरी तरह बंद हो जाएंगी। साल 2000 में आइकॉनिक इंडो-इटैलियन मॉडल की प्रीमियर टैक्सी 'पद्मिनी' का प्रोडक्शन बंद हो चुका था।

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टैक्सी 'पद्ममिनी' के अगले साल से बंद होने को लेकर मुंबई टैक्सी यूनियन का कहना है कि यह प्रतिष्ठित कार है। लेकिन नई पीढ़ी के लोग अब इसमें बैठना अब नहीं चाहते हैं। क्योंकि लोग अब लेटेस्ट और मॉडर्न कारें पसंद करने लगे हैं। इतनी महंगाई में अब इन टैक्सियों को मेंटेन करना भी काफी महंगा हो गया है।

वहीं, 2013 में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए 20 साल से पुराने वाहनों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में पद्ममिनी को सड़कों से हटाना एक मजबूरी बन गया है। हालांकि हर मुंबई वासी इनसे भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है। इसलिए पद्मिनी की कमी उन्हें हमेशा खलेगी।

अगले साल से पूरी तरह बंद

जून 2020 से मुंबई की सड़कों पर ये टैक्सियां  पूरी तरह बंद हो जाएंगी। वर्तमान में सिर्फ 50 टैक्सियां ही मुंबई की सड़कों पर दौड़ रही हैं। साल 1964 में इस कार को लॉन्च किया था। कंपनी ने इस कार को 1964 में फिएट 1100 डिलाइट के नाम से बाजार में उतारा था। ये फिएट 1100 का स्वदेशी वर्जन था। लेकिन लॉन्चिंग के एक साल बाद ही इसका नाम बदलकर प्रीमियर प्रेसिडेंट रख दिया गया। वहीं, 1974 में एक बार फिर इसका नाम बदलकर प्रीमियर पद्मिनी रखा गया।

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