एमजी मोटर इंडिया के अध्यक्ष राजीव छाबा ने जानकारी दी कि यह अभी हेक्टर एसयूवी के साथ जारी रहेगा और अगले साल मध्यम आकार की एसयूवी एमजी एस्टर और जेडएस ईवी का भी निर्यात किया जाएगा।
एमजी मोटर भारत में कुछ ही सालों में एक जाना पहचाना नाम हो गया है। लोग एमजी मोटर की डिजाइन से लेकर उसके फीचर को देखकर उसे लेने पर मजबूर हो जाते हैं। वहीं अब एमजी मोटर की योजना अपने भारत के पड़ोसी देशों में विस्तार करने की है।
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एमजी मोटर इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक राजीव छाबा ने कहा कि वर्तमान में चिप की कमी चल ही है। हमें खुद को लंबी अवधि के लिए तैयार करने की जरूरत है। हम अपने आधार का विस्तार करना चाहते हैं और भारत को पड़ोसी बाजारों के लिए निर्यात केंद्र बनाना चाहते हैं।
नेपाल में एमजी हेक्टर की पहली खेफ भेज चुका है
एमजी मोटर नेपाल में पहले से ही अपनी कारों को बेच रही है। नेपाल में एमजी हेक्टर की पहली खेफ भेज चुका है। छाबा ने जानकारी दी कि यह अभी हेक्टर एसयूवी के साथ जारी रहेगा और अगले साल मध्यम आकार की एसयूवी एमजी एस्टर और जेडएस ईवी का भी निर्यात किया जाएगा।
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ब्रिटेन में भी एमजी हेक्टर के लिए संभावनाएं तलाश रहे हैं
एमजी मोटर इंडिया के निदेशक छाबा ने कहा कि नेपाल पहला देश है, लेकिन हम इस क्षेत्र के अन्य बाजारों जैसे श्रीलंका, बांग्लादेश और भूटान में भी संभावनाएं तलाश रहे हैं। इसके साथ ही हमने ब्रिटेन से इस बारे में बात की है। ब्रिटेन में ड्राइवर की सीट दाईं ओर होती है। हम ब्रिटेन में भी एमजी हेक्टर के लिए संभावनाएं तलाश रहे हैं।
कोरोना की वजह से इसमें देरी हुई
आगे इस बारे मे बात करते हुए उन्होंने कहा कि एक और राइट हैंड ड्राइविंग बाजार दक्षिण अफ्रीका में एमजी मोटर का परिचालन शुरू होना है। कोरोना की वजह से इसमें देरी हुई है। दक्षिण अफ्रीका के बाजारों में निर्यात की योजना है, यह एमजी का परिचालन शुरू होने के बाद यह भी हमारे लिए संभावना वाला बाजार होगा।