क्या हैं बीएस वाहन
बीएस उत्सर्जन मानक वे मानक होते हैं जो भारत सरकार द्वारा स्थापित किए गए हैं। इस उत्सर्जन मानक के जरिये मोटर वाहनों के कारण होने वाले वायु प्रदूषण की मात्रा की व्याख्या की जाती है।
क्या है बीएस के आगे लिखी संख्या
अक्सर आप सुनते होंगे बीएस-2 वाहन, बीएस-3 वाहन और बीएस-4 वाहन। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन संख्याओं का मतलब क्या है? बीएस के आगे संख्या के बढ़ते जाने का मतलब है उत्सर्जन के बेहतर मानक, जो पर्यावरण के अनुकूल हैं। भारत में गाड़ियों के प्रदूषण को मापने के लिए बीएस का इस्तेमाल किया जाता है।
बीएस के आगे जितना बड़ा नंबर लिखा होता है उस गाड़ी से उतने ही कम प्रदूषण होने की संभावना होती है। ये बीएस मानक देश का केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तय करता है। साथ ही देश में चलने वाली हर गाड़ी के लिए यह आवश्यक होता है कि वह इन सभी मानकों पर खरी उतरे।
उत्सर्जन मानक क्या होता है?
गाड़ियों के फ्यूल से निकलने वाले पॉल्यूशन को कंट्रोल करने के लिए मानदंड तय किए जाते हैं जिन्हें उत्सर्जन मानक कहा जाता है और सभी ऑटोमोबाइल कंपनियो को इन मानकों का पालन भी करना होता है ताकि वायु प्रदूषण कंट्रोल किया जा सके।
गाड़ियों का उत्पादन करते समय, इंजन में एक इंटरनल एक्युपमेंट का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि प्रदूषण कम से कम हो। भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की ओर से एमिशन नॉर्म्स की जांच और तय समय-सीमा के अंदर इसे पूरी तरह से लागू करने का काम किया जाता है।
भारत स्टेज उत्सर्जन मानक कब और कहां:
देश में भारत स्टेज उत्सर्जन मानक को 4 स्टेज में बांटा गया है जिसे अलग-अलग तरीके से पूरे देशभर में लागू किया जाना है। इसमें टू-व्हीलर से लेकर हेवी कमर्शियल व्हीकल शामिल हैं।