मारुति सुजुकी अब जल्द ही अपनी प्रीमियम क्रॉसओवर एसयूवी S-Cross को पेट्रोल इंजन के साथ लांच कर सकती है। सोर्स के मुताबिक कंपनी S-Cross में 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन देगी जोकि माइल्ड हाइब्रिड टेक्नॉलजी से लैस होगा
कायास लगाए जा रहे हैं कि S-Cross मिलने वाले इंजन वही होगो जो इस समय सियाज और अर्टिगा को पावर देता है। जी हां इन दोनों ही गाड़ियों में फिलहाल K15B पेट्रोल इंजन लगा है।
इंजन पर एक नज़र
विस्तार से बात करें तो कंपनी का K15B पेट्रोल इंजन 1.5-लीटर और 4-सिलिंडर से लैस होगा जो 103 bhp की पावर और 138 Nm का टॉर्क देगा। इस इंजन में ड्यूल बैटरी सेटअप के साथ मारुति की स्मार्ट हाइब्रिड टेक्नॉलजी लगी है। इसके अलावा यह इंजन 5-स्पीड मैन्युअल और 4-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से लैस होगा।
कब होगी लांच
कायास लगाए जा रहे हैं कि S-Cross का पेट्रोल मॉडल इन साल के अंत तक भारत में लांच किया जा सकता है।
फिलहाल S-Cross सिर्फ 1.3-लीटर डीजल इंजन में ही उपलब्ध है। मौजूदा इंजन 89 bhp की पावर देता है। पेट्रोल इंजन में आने के बाद S-Cross का सीधा मुकाबला हुंडई क्रेटा, निसान किक्स और रेनॉ कैप्चर जैसी गाड़ियों से होगा।
मारुति नहीं बनाएगी डीजल कारें
हाल ही में मारुति सुजुकी ने घोषणा की है कि वह 1 अप्रैल 2020 से डीजल कारें नहीं बनाएगी। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि डीजल इंजन को BS-VI एमिशन नॉर्म्स के मुताबिक अपग्रेड करने में काफी लागत आती है, और यदि ऐसा किया जाए तो कारों की कीमतों में काफी इजाफा हो जायेगा जिसका सीधा असर बिक्री पर पड़ेगा। ऐसे में कंपनी ने डीजल इंजन वाली कारें बंद करने का फैसला लिया है।
कब होगी लांच
कायास लगाए जा रहे हैं कि S-Cross का पेट्रोल मॉडल इन साल के अंत तक भारत में लांच किया जा सकता है। फिलहाल S-Cross सिर्फ 1.3-लीटर डीजल इंजन में ही उपलब्ध है। मौजूदा इंजन 89 bhp की पावर देता है। पेट्रोल इंजन में आने के बाद S-Cross का सीधा मुकाबला हुंडई क्रेटा, निसान किक्स और रेनॉ कैप्चर जैसी गाड़ियों से होगा।
मारुति नहीं बनाएगी डीजल कारें
हाल ही में मारुति सुजुकी ने घोषणा की है कि वह 1 अप्रैल 2020 से डीजल कारें नहीं बनाएगी। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि डीजल इंजन को BS-VI एमिशन नॉर्म्स के मुताबिक अपग्रेड करने में काफी लागत आती है, और यदि ऐसा किया जाए तो कारों की कीमतों में काफी इजाफा हो जायेगा जिसका सीधा असर बिक्री पर पड़ेगा। ऐसे में कंपनी ने डीजल इंजन वाली कारें बंद करने का फैसला लिया है।