पैसेंजर्स कार बाजार की प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रही महिंद्रा एंड महिंद्रा अब सिर्फ भविष्य की तकनीकि पर अपना जोर देने जा रही है ऐसा संकेत मिल रहा है। जिस तरह से महिंद्रा एंड महिंद्रा अपनी इलेक्ट्रिक कारों की रेंज को धीरे-धीरे मजबूत कर रही है उसे देखकर हर कोई यही अंदाजा लगा रहा है कि कंपनी सरकार के भविष्य के प्रति रुख को देखते हुए अपनी योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह पुणे में अपने चाकन प्लांट के पास एक बैट्री असेंबली यूनिट लगाने जा रही है।
कंपनी का लक्ष्य इस असेंबली यूनिट से 2019 के मध्य तक 5000 बैट्री पैक बनाने का है। आपको बताते चलें यह घोषणा महिंद्रा के तरफ से जीएसटी की दरें घोषित होने के महज सात दिन के भीतर किया गया है। गौरतलब है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को जीएसटी 12 फीसदी स्लैब में रखा गया है जबकि हाइब्रिड वाहनों को 28 फीसदी के अलावा 15 फीसदी का सेस भी लगाया जा रहा है जिसके वजह से कई कंपनियों द्वारा हाइब्रिड पर भारी-भरकम निवेश खतरे में पड़ गया है। इस बारे में जानकारी देते हुए महिंद्रा एंड महिंद्रा के एमडी व महिंद्रा इलेक्ट्रिक के चेयरमैन पवन गोयंका ने बताया कि,"अब समय आ गया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को मेन स्ट्रीम में जगह दी जाए और महिंद्रा के पास इस तकनीकि के लिए सही प्रोडक्ट व तकनीक है। हम केंद्रा व राज्य सरकारों के साथ मिलकर इस दिशा में जरूरी काम कर रहे हैं। इसमें सही इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के साथ सभी बेसिक चीजें शामिल हैं जो देश को इलेक्ट्रिक वाहनों के अनुकूल बनाएगा। "