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'लाल बत्ती वाली गाड़ी के थे सपने मेरे' पर नाबालिग बना रहा था टिकटॉक वीडियो, पुलिस ने पहुंचाया थाने

Sun, 10 May 2020 01:35 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हरियाणा के गुरूग्राम में मशहूर होने की चाहत में एक 17 वर्षीय लड़के को कार पर लाल बत्ती लगाना काफी महंगा पड़ गया। दरअसल TikTok (टिकटॉक) वीडियो बनाने के लिए उस लड़के को एक फ्रेम ऐसा चाहिए था जिसमें वो कार में लाल बत्ती लगाकर पुलिस की चेकपोस्ट पर तेज रफ्तार से आसानी से निकल जाए। ऐसा कर वो अपने रसूख को दिखाकर टिकटॉक में अपनी फैन फॉलोइंग बढ़ाने की हसरत पाले बैठा था। लेकिन ऐसा करने पर वो पुलिस स्टेशन पहुंच गया। 
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Red Beacon Car (File) - फोटो : Social Media
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विस्तार
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गुरुग्राम के इस लड़के के टिकटॉक वीडियो में जिस हरियाणवी गाने का इस्तेमाल किया गया उसके बोल हैं- 'लाल बत्ती वाली गाड़ी के थे सपने मेरे।' इस हरियाणवी गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रिलीज होने के पहले ही यह गाना बहुत मशहूर हो गया है। लोग इसे सिविल सर्विस में सफलता की प्रेरणा देने वाले हैशटैग UPSCMotivation (यूपीएससी मोटिवेशन) और IAS (आईएएस) के साथ सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। 
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गाने के ट्रेलर वाले वीडियो टिकटॉक पर वायरल हो रहे हैं। इस वीडियो में दिखाई दे रहा है कि लाल बत्ती वाली गाड़ी को रास्ता देने के लिए पुलिसवाले एक तरफ हट जा रहे हैं। 

इस मामले में बड़ी बात यह है कि लाल बत्ती का इस्तेमाल सीमित कर दिया गया है। धड़ल्ले से जारी वीआईपी संस्कृति पर लगाम लगाने के प्रयास में, सरकार ने गाड़ियों पर लाल बत्ती के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी थी। सरकार ने इस प्रतिबंध से कुछ वाहनों जैसे आपातकालीन वाहनों, एम्बुलेंस, दमकल और पुलिस की गाड़ियों को छूट मिली हुई है। 

लेकिन इस 17 वर्षीय लड़के के लिए लाल बत्ती लगाने की कीमत सिर्फ इतनी थी वह एक कार के सामान की दुकान में गया और इसे खरीद ली। फिर, उसने अपने पिता की कार को उठाया और उस पर लाल बत्ती लगाकर रौब दिखाने निकल पड़ा। 

शनिवार दोपहर जब उसने अपने टिकटॉक वीडियो की शूटिंग की शुरुआत की, उस समय अतुल कटारिया चौक के पास पुलिस की एक टीम ट्रैफिक पर नजर रखने में व्यस्त थी। चूंकि लॉकडाउन को आंशिक रूप से छूट दी गई है, इसलिए सुबह 7 से शाम 7 बजे के बीच शहर में आवाजाही की अनुमति दी गई थी। शहर के भीतर चेक पोस्ट कम हैं, जिससे आवाजाही बढ़ गई है। 

मी़डिया रिपोर्ट के मुताबिक सेक्टर 17 पुलिस स्टेशन में अपराध इकाई के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र चौहान ने कहा, "हमारी पुलिस टीम ने लाल बत्ती लगी एक सफेद कार को आते देखा। यह अजीब लग रहा था। लाल बत्ती पर प्रतिबंध लगा हुआ है और बहुत कम लोगों को अपने वाहनों पर इसे लगाने की इजाजत है। हमें आमतौर पर उनके आने-जाने के बारे में पहले से सूचना होती है।" उनकी टीम ने वाहन को रुकने का इशारा किया। 

लेकिन वह 17 साल का लड़के यह उम्मीद पाले बैठा था कि लाल बत्ती अपना काम करेगी और उसके लिए रास्ता बनाने के लिए पुलिस घबराकर एक तरफ हो जाएगी। उसने कार तेजी से भगाने की कोशिश की। चौहान ने कहा, "लेकिन हम उसे रोकने में कामयाब रहे।" उन्होंने कहा, "हमने लाल बत्ती को जब्त कर लिया और उसे सेक्टर 14 पुलिस स्टेशन को सौंप दिया।" 
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यह कार उस लड़के के पिता के नाम पर दिल्ली में पंजीकृत पाई गई। पुलिस ने उसके माता-पिता को बुलाया और उनपर तेज गति और कम उम्र के ड्राइविंग के लिए 7,500 रुपये का जुर्माना लगाया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "उसके माता-पिता को उसे फिर से गाड़ी नहीं चलाने देने के लिए चेतावनी दी गई, और अगली बार ऐसा पाए जाने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया जाएगा।" लड़के ने एक माफीनामा लिखा, और दोबारा ऐसी कोई भी हरकत नहीं करने का वादा किया।" 
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