फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रिपोर्ट: होंडा की कारें अगस्त से हो जाएंगी महंगी, कंपनी ने बताई यह वजह

Sun, 04 Jul 2021 12:54 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

खबरों के मुताबिक कंपनी कथित तौर पर इनपुट लागत में तेजी से बढ़ोतरी के कारण देश में पेश किए जाने वाले अपने सभी उत्पादों की कीमतों में वृद्धि करने की योजना बना रही है।
विज्ञापन
Honda City 2020 - फोटो : Honda
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Honda Cars India (होंडा कार्स इंडिया) देश में अपने वाहनों की कीमतों में जल्द बढ़ोतरी कर सकती है। खबरों के मुताबिक कंपनी कथित तौर पर इनपुट लागत में तेजी से बढ़ोतरी के कारण देश में पेश किए जाने वाले अपने सभी उत्पादों की कीमतों में वृद्धि करने की योजना बना रही है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने कंपनी के एक अधिकारी के हवाले से कहा कि स्टील और कीमती धातुओं जैसी चीजों की बढ़ती कीमतें वाहन की कीमतों में बढ़ोतरी को जरूरी बना रही हैं।
विज्ञापन


होंडा कार्स इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और मार्केटिंग एंड सेल्स के निदेशक राजेश गेल ने पीटीआई को बताया कि बढ़ती लागत के कारण कीमतों में बढ़ोतरी जरूरी हो गई है। उन्होंने कथित तौर पर कहा, "स्टील, एल्युमीनियम और कीमती धातुओं जैसे कच्चे माल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है और उनमें से कई अब तक के उच्चतम स्तर पर हैं, जिससे हमारी इनपुट लागत काफी प्रभावित हुई है।" उन्होंने कहा, "हमारी कोशिश लागत को कम रखना है, इसलिए हम इस समय इस बात पर विचार कर रहे हैं कि हम कितनी अतिरिक्त लागत को खपा सकते हैं और हमारे ग्राहकों को कितना अनिवार्य रूप से पास करना पड़ेगा।" 

Honda Cars Plant India - फोटो : For Reference Only
इस साल की शुरुआत में कई वाहन निर्माताओं ने पहले भी इसी कारण का हवाला देते हुए यात्री वाहनों और दोपहिया वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। होंडा ने भी अप्रैल के महीने में कीमतों में बढ़ोतरी की थी और यह इस तरह की दूसरी बढ़ोतरी होगी। होंडा के भारतीय उत्पाद पोर्टफोलियो में उसकी कामयाब अमेज और सिटी सेडान कारें शामिल हैं। 
विज्ञापन

Honda Amaze Special Edition - फोटो : Honda Cars
हालांकि यह अभी तक साफ नहीं है कि कीमतों में वृद्धि यात्री वाहनों की मांग को कैसे प्रभावित करेगी। लॉकडाउन के प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद से मांग में बढ़ोतरी देखी गई है। लगभग हर प्रमुख वाहन निर्माता ने बताया है कि जून के महीने में उनकी बिक्री में उछाल आई है। लेकिन लगभग हर कंपनी सतर्क रहने की जरूरत को भी रेखांकित कर रही है। बढ़ती इनपुट लागत, सेमीकंडक्टर चिप्स में वैश्विक कमी और देश में संभावित तीसरी लहर के खतरे जैसे कारकों में एक बार फिर ऑटोमोटिव उद्योग पर ब्रेक लगाने की क्षमता है, जो 2019 से अलग-अलग कारणों से प्रभावित है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें