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गुजरात पुलिस ने आरटीओ से पूछा: क्या टोयोटा फॉर्च्यूनर में दुष्कर्म के लिए पर्याप्त जगह है, जानें पूरा मामला

Thu, 13 May 2021 08:06 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वडोदरा जिले की लोकल क्राइम ब्रांच (एलसीबी) ने एक टोयोटा फॉर्च्यूनर एसयूवी के लिए एक सर्टिफिकेट मांगा है। पुलिस ने इस एसयूवी को एक कथित दुष्कर्म के एक मामले में जब्त किया है। 
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Toyota Fortuner - फोटो : Toyota
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विस्तार
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पुलिस अक्सर मामलों को सुलझाने और प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की मदद लेते हैं। लेकिन गुजरात के वडोदरा जिले की पुलिस की लोकल क्राइम ब्रांच (स्थानीय अपराध शाखा) ने आरटीओ से एक अजीबोगरीब सवाल पूछ लिया है। पुलिस के सवाल से आरटीओ अधिकारियों का सिर चकरा गया। 

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पुलिस ने मांगे ये सर्टिफिकेट

Toyota Fortuner Limited-Edition - फोटो : Toyota
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लोकल क्राइम ब्रांच (एलसीबी) ने एक टोयोटा फॉर्च्यूनर एसयूवी के लिए एक सर्टिफिकेट मांगा है। पुलिस ने इस एसयूवी को एक कथित दुष्कर्म के एक मामले में जब्त किया है। एलसीबी ने आरटीओ से एसयूवी के लिए एक प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस एसयूवी में इतनी "पर्याप्त जगह" है कि इसमें कथित दुष्कर्म हुआ होगा। ऐसा नहीं है, एलसीबी ने आरटीओ से यह भी जांच करने के लिए कहा है कि सामने की सीट को पूरी तरह से पीछे की तरफ धकेलने के बाद पर्याप्त जगह बनती है या नहीं। इसके साथ ही, एलसीबी ने एसयूवी के सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम के बारे में भी जानकारी मांगी है। 

आरटीओ अधिकारी चकराए

Toyota Fortuner Launch - फोटो : File
पुलिस द्वारा किए गए इस अनुरोध पर वडोदरा आरटीओ के अधिकारी चकरा गए हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले आज तक किसी ने इस तरह का अनुरोध नहीं किया था। आरटीओ को दुष्कर्म के मामले में एसयूवी की जांच करने का अनुरोध किया गया है। पुलिस ने एसयूवी के मालिक की पहचान कर ली है और इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ा नेता भावेश पटेल आरोपी है। वह पादरा नगर पालिका का पूर्व पार्षद, एपीएमसी के पूर्व निदेशक और नकली सामान बेचने का पुराना आरोपी भी है। 

आरटीओ अधिकारी ने क्या कहा

Toyota Fortuner seats - फोटो : For Representation Only
रिपोर्ट के मुताबिक आरटीओ में काम करने वाले एक अधिकारी ने बताया, "आरटीओ हिट-एंड-रन और दुर्घटनाओं में शामिल कारों की जांच करने के बाद प्रमाणपत्र जारी करता है। ऐसे मामलों में हम अनिवार्य रूप से सड़क पर चलने के लिए वाहन की फिटनेस, ब्रेकिंग सिस्टम को प्रमाणित करते हैं। इसके साथ ही वाहनों का पंजीकरण, वाहन मालिकों और ड्राइवरों के लाइसेंस की जांच की जाती है जिससे दुर्घटनाओं के मामले की जांच में पुलिस की मदद होती है। ऐसा पहली बार हुआ है कि पुलिस ने केंद्रीय लॉकिंग सिस्टम और सीटों को पीछे धकेलकर बनाए जा सकने वाले लेग स्पेस के लिए एक तकनीकी प्रमाण पत्र मांगा है। आमतौर पर इनकी अन्य आपराधिक मामलों में जरूरत नहीं पड़ती है। आरटीओ सिर्फ एक गणितीय रिपोर्ट दे सकता है। विभाग निश्चित रूप से इस बात पर कोई राय नहीं दे सकता है कि उस जगह पर अपराध हुआ है या नहीं। यह पुलिस को साबित करना है।" 

इन सर्टिफिकेट की जरूरत क्यों

Car central locking - फोटो : For Representation Only
रिपोर्ट के मुताबिक एलसीबी के अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को इस मामले को साबित करने के लिए प्रमाणपत्र की जरूरत है। यह मामला फिलहाल सिर्फ शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित है। मीडिया रिपोर्ट के हवाले से पुलिस इंस्पेक्टर दिवानसिंह वाला ने बताया कि उन्होंने आरटीओ से किस लिए ये सर्टिफिकेट मांगे हैं। वे कहते हैं कि एसयूवी पर टेक्निकल सर्टिफिकेट और एक्सपर्ट की राय मिलने पर यह पता चल सकेगा कि क्या इस वाहन में ऐसा अपराध हो सकता है जैसा कि कथित पीड़ित ने रिपोर्ट किया है। 
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सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम के बारे में क्यों पूछा

Toyota Innova Fortuner - फोटो : For Representation Only
इसके अलावा, एलसीबी ने शिकायकर्ता महिला और आरोपी शख्स की हाईट टेस्ट (लंबाई का परीक्षण) कराई है, ताकि आरटीओ रिपोर्ट के निष्कर्षों से मिलान किया जा सके। उन्होंने कहा कि एलसीबी ने एसयूवी के सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम के बारे में भी पूछा है, ताकि जब बचाव पक्ष यह सवाल उठाए कि पीड़िता दरवाजा खोल कर भाग क्यों नहीं गई, तो उनके पास इसका जवाब हो। 

बता दें कि टोयोटा फॉर्च्यूनर एक फुल-साइज 7-सीटर एसयूवी है। यह कार अपने सेगमेंट में सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी है।
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