Toyota Fortuner Limited-Edition
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लोकल क्राइम ब्रांच (एलसीबी) ने एक टोयोटा फॉर्च्यूनर एसयूवी के लिए एक सर्टिफिकेट मांगा है। पुलिस ने इस एसयूवी को एक कथित दुष्कर्म के एक मामले में जब्त किया है। एलसीबी ने आरटीओ से एसयूवी के लिए एक प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस एसयूवी में इतनी "पर्याप्त जगह" है कि इसमें कथित दुष्कर्म हुआ होगा। ऐसा नहीं है, एलसीबी ने आरटीओ से यह भी जांच करने के लिए कहा है कि सामने की सीट को पूरी तरह से पीछे की तरफ धकेलने के बाद पर्याप्त जगह बनती है या नहीं। इसके साथ ही, एलसीबी ने एसयूवी के सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम के बारे में भी जानकारी मांगी है।
Toyota Fortuner Launch
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पुलिस द्वारा किए गए इस अनुरोध पर वडोदरा आरटीओ के अधिकारी चकरा गए हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले आज तक किसी ने इस तरह का अनुरोध नहीं किया था। आरटीओ को दुष्कर्म के मामले में एसयूवी की जांच करने का अनुरोध किया गया है। पुलिस ने एसयूवी के मालिक की पहचान कर ली है और इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ा नेता भावेश पटेल आरोपी है। वह पादरा नगर पालिका का पूर्व पार्षद, एपीएमसी के पूर्व निदेशक और नकली सामान बेचने का पुराना आरोपी भी है।
रिपोर्ट के मुताबिक आरटीओ में काम करने वाले एक अधिकारी ने बताया, "आरटीओ हिट-एंड-रन और दुर्घटनाओं में शामिल कारों की जांच करने के बाद प्रमाणपत्र जारी करता है। ऐसे मामलों में हम अनिवार्य रूप से सड़क पर चलने के लिए वाहन की फिटनेस, ब्रेकिंग सिस्टम को प्रमाणित करते हैं। इसके साथ ही वाहनों का पंजीकरण, वाहन मालिकों और ड्राइवरों के लाइसेंस की जांच की जाती है जिससे दुर्घटनाओं के मामले की जांच में पुलिस की मदद होती है। ऐसा पहली बार हुआ है कि पुलिस ने केंद्रीय लॉकिंग सिस्टम और सीटों को पीछे धकेलकर बनाए जा सकने वाले लेग स्पेस के लिए एक तकनीकी प्रमाण पत्र मांगा है। आमतौर पर इनकी अन्य आपराधिक मामलों में जरूरत नहीं पड़ती है। आरटीओ सिर्फ एक गणितीय रिपोर्ट दे सकता है। विभाग निश्चित रूप से इस बात पर कोई राय नहीं दे सकता है कि उस जगह पर अपराध हुआ है या नहीं। यह पुलिस को साबित करना है।"
रिपोर्ट के मुताबिक एलसीबी के अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को इस मामले को साबित करने के लिए प्रमाणपत्र की जरूरत है। यह मामला फिलहाल सिर्फ शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित है। मीडिया रिपोर्ट के हवाले से पुलिस इंस्पेक्टर दिवानसिंह वाला ने बताया कि उन्होंने आरटीओ से किस लिए ये सर्टिफिकेट मांगे हैं। वे कहते हैं कि एसयूवी पर टेक्निकल सर्टिफिकेट और एक्सपर्ट की राय मिलने पर यह पता चल सकेगा कि क्या इस वाहन में ऐसा अपराध हो सकता है जैसा कि कथित पीड़ित ने रिपोर्ट किया है।
Toyota Innova Fortuner
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इसके अलावा, एलसीबी ने शिकायकर्ता महिला और आरोपी शख्स की हाईट टेस्ट (लंबाई का परीक्षण) कराई है, ताकि आरटीओ रिपोर्ट के निष्कर्षों से मिलान किया जा सके। उन्होंने कहा कि एलसीबी ने एसयूवी के सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम के बारे में भी पूछा है, ताकि जब बचाव पक्ष यह सवाल उठाए कि पीड़िता दरवाजा खोल कर भाग क्यों नहीं गई, तो उनके पास इसका जवाब हो।
बता दें कि टोयोटा फॉर्च्यूनर एक फुल-साइज 7-सीटर एसयूवी है। यह कार अपने सेगमेंट में सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी है।