अगर आप इन गर्मियों की छुट्टी में गोवा जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो वहां टैक्सी लेने से पहले ये खबर जरूर पढ़ लें। गोवा सरकार ने मोबाइल एप बेस्ड टैक्सी सर्विसेज को सुरक्षा मुहैया कराने का फैसला किया है। सरकार ने ये फैसला हाल ही में टैक्सी सर्विसेज पर हुए हमलों के बाद लिया है।
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने मंगलवार को गोवा के टैक्सी ऑपरेटर्स से अपील की कि वे कानून को अपने हाथों में न लें। उन्होंने कहा कि हाल की हिंसक घटनाओं को देखते हुए सरकार एप बेस्ड टैक्सी सर्विसेज को सरंक्षण देगी। साथ ही, उन्होंने परंपरागत टैक्सी ऑपेरटर्स से सलाह दी है कि उन्हें भी एप बेस्ड टैक्सी सर्विसेज को ज्वाइन कर लेना चाहिए।
गौरतलब है कि गोवा टूरिज्म डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन (GTDC) ने पिछले साल एप बेस्ड टैक्सी सर्विस ‘गोवा माइल्स’ लांच की थी, जिसके बाद परंपरागत टैक्सी सर्विस ऑपरेटर्स इस सेवा का विरोध कर रहे थे। वहीं पिछले हफ्ते दक्षिण गोवा के कोलावा बीच पर गोवा माइल्स की एक टैक्सी पर हमला हुआ था और इसका आरोप परंपरागत टैक्सी ऑपरेटर्स पर लगा था।
सावंत ने कहा कि पर्यटक हमारे लिए ‘अतिथि देवा भवः’ हैं और यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह पर्यटकों को सस्ती टैक्सी सर्विसेज उपलब्ध कराए। उनका कहना है कि गोवा को छोड़ कर पूरी दुनिया में एप बेस्ड टैक्सी सर्विसेज पॉपुलर हो रही हैं। साथ ही, उनका यह भी कहना था कि अगर टैक्सी ड्राइवर ये सोचते कि एप बेस्ड टैक्सी सर्विसेज पर जाने से उनके व्यापार पर असर पड़ेगा, तब इसके बारे में सोचा जा सकता है।
इससे पहले 2014 में गोवा में ओला टैक्सी सर्विसेज शुरू की गई थी, लेकिन लोकल कैब ऑपरेटर्स के जबरदस्त विरोध के बाद राज्य परिवहन विभाग ने ओला के संचालन पर रोक लगा दी।