भले ही देर से लेकिन यमुना एक्सप्रेसवे पर फास्टैग 15 जून से लागू हो जाएगा। इससे नोएडा से आगरा के बीच सफर करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा होगी और टोल प्लाजा पर समय की बचत हो सकेगी।
नोएडा और आगरा के बीच यमुना एक्सप्रेसवे पर FASTag (फास्टैग) इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम 15 जून से लागू होने जा रहा है। 165 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का संचालन जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (जेआईएल) करती है। चूंकि यह एक प्राइवेट हाईवे (निजी राजमार्ग) है, इसलिए इसमें अब तक टोल शुल्क जमा करने का अधिकार भी जेआईएल के पास रहा है। इससे पहले यमुना एक्सप्रेस वे पर फास्टैग के जरिए टोल वसूली शुरू करने की समय सीमा एक अप्रैल थी। लेकिन सभी तैयारियां पूरी नहीं होने के कारण इसे शुरू नहीं किया जा सका। भले ही देर से लेकिन इस मार्ग पर फास्टैग 15 जून से लागू हो जाएगा। इससे नोएडा से आगरा के बीच सफर करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा होगी और टोल प्लाजा पर समय की बचत हो सकेगी।
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यमुना एक्सप्रेसवे में इस समय जेवर, मथुरा और आगरा में तीन टोल प्लाजा हैं। फास्टैग प्रणाली के लागू होने का मतलब यह होगा कि नोएडा और लखनऊ के बीच ड्राइविंग करने वाले यात्रियों को बहुत जल्द टोल प्लाजा पर लगने वाली कतार से छुटकारा मिल जाएगा और वे बिना रुकावट के ड्राइविंग कर पाएंगे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमुना डेवलपमेंट अथॉरिटी, आईडीबीआई और जेपी इंफ्राटेक के प्रतिनिधियों के बीच इसी हफ्ते एक समझौता हुआ है, जिससे फास्टैग की सुविधा शुरू हो सकेगी।
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- फोटो : For Representation Only
रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में यमुना एक्सप्रेसवे पर हर टोल प्लाजा पर टोल गेट के दोनों तरफ दो लेन में फास्टैग की सुविधा उपलब्ध होगी। आने वाले दिनों में, फास्टैग इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली वाले लेन की संख्या धीरे-धीरे बढ़ेगी।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस साल 15 फरवरी से हर राष्ट्रीय राजमार्ग पर फास्टैग सिस्टम लागू किया था। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने पहले एलान किया था कि फास्टैग प्रणाली एक फरवरी से शुरू होगी। हालांकि, कई कारणों से इसे लागू करने में देरी हुई।
हाल ही में एनएचएआई ने देश भर में फास्टैग की सुविधा वाले टोल प्लाजा के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। नए नियमों में कहा गया है कि टोल प्लाजा की हर टोल लेन पर 10 सेकंड के भीतर टोल टैक्स लिए जाएंगे। सरकार के नए मानक के मुताबिक यह टोल प्लाजा पर वाहनों की 100 मीटर लंबी लाइन लगती है तो उन वाहनों से टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा। इस नई पहल को लागू करने के लिए टोल प्लाजा से 100 मीटर की दूरी पर सड़क पर एक पीली पट्टी का निशान लगाया जाएगा। जब तक इस पीले निशान तक गाड़ियों की लाइन लगी रहेगी, तब तक सभी गाड़ियां बिना टोल टैक्स का भुगतान किए टोल बैरियर पार करते रहेंगे।
यमुना एक्सप्रेसवे के जाबरा टोल पर लगा जाम (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
सरकार के टोल प्लाजा के लिए नए दिशानिर्देशों से टोल प्लाजा पर जाम की समस्या खत्म हो सकेगी। इसका फायदा यह होगा कि टोल प्लाजा से गुजरने वाली गाड़ियों की औसत स्पीड 30 से 40 फीसदी तक बढ़ जाएगी और वायु प्रदूषण में भी खासी कमी आएगी। बता दें कि फास्टैग को अनिवार्य किए जाने और इसके जरिए ऑनलाइन टोल टैक्स वसूली से सरकार का राजस्व सालाना 10,300 करोड़ तक बढ़ गया है। इससे पहले टोल प्लाजा चलाने वाले ठेकेदार इस रकम को डकार जाते थे।