यूपीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक राज शेखर ने कहा, "अगर किसी जिले के कुछ लोग हैं, तो बस का विकल्प व्यवहारिक नहीं है। टैक्सी जैसे छोटे वाहनों का उपयोग 250 किमी प्रति दिन तक किया जाता है। चूंकि यह एक चार्टर्ड सुविधा है, इसलिए चार्टर्ड रेट लागू होते हैं।"
एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक राज शेखर ने कहा, "और जब यह हमारे संज्ञान में लाया गया कि उच्च दरों पर किराया वसूला जा रहा है, तो UPSRTC ने संज्ञान लिया और एक समिति बनाई। वे इस मामले को देखेंगे और 24 घंटे के भीतर निर्णय लेंगे कि क्या संशोधन किया जाना चाहिए। हम अधिसूचना जारी करेंगे और लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेंगे।"
राज शेखर ने एक ट्वीट कर यह भी स्पष्ट किया कि यूपीएसआरटीसी की सेवाएं इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नोएडा या गाजियाबाद क्वारंटीन केंद्रों तक पूरी तरह से मुफ्त हैं, जैसा कि यूपीएसआरटीसी के अन्य सभी परिचालन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा।
यूपीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक राज शेखर ने 9 मई को, नोएडा और गाजियाबाद में निगम के क्षेत्रीय प्रबंधकों को एक पत्र जारी किया था। इस पत्र में बताया गया था कि वे हवाई अड्डा से दिल्ली से नोएडा और गाजियाबाद और आसपास के अन्य क्षेत्रों के लिए निवासियों की यात्रा को सुविधाजनक बनाएंगे, जिन्हें वंदे भारत मिशन के तहत विदेशों से वापस लाया गया है। पत्र में कहा गया कि, "निगम हवाई अड्डे पर बसें और टैक्सियां मुहैया कराएगा। जिन लोगों को यात्रा करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा मंजूरी दे दी जाएगी और Covid-19 के कोई लक्षण नहीं पाए जाएंगे, वे इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं।"
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 250 किमी के दायरे में किसी भी गंतव्य के लिए टैक्सी की सवारी के लिए 10,000 रुपये तय किए गए थे। UPSRTC की टैक्सी बुक करने का न्यूनतम किराया सेडान कार के लिए 10,000 और SUV कार के लिए 12,000 होगा। 250 किमी से अधिक की अतिरिक्त दूरी के लिए अतिरिक्त किराया वसूला जाएगा। यदि आप इतना खर्च नहीं कर सकते तो निगम की बसें 100 किमी तक की दूरी के लिए नॉन-एसी बस में न्यूनतम 1,000 रुपये प्रति सीट और एसी बस में 1,320 रुपये प्रति सीट चुकाकर सफर कर सकते हैं।