एक जनवरी 2021 से देशभर में सभी चार पहिया वाहनों के लिए FASTag (फास्टैग) लगाना अनिवार्य होने जा रहा है। हालांकि, इस बीच 24 दिसंबर को पूरे देशभर में FASTag का बंपर ट्रांजेक्शन हुआ। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बताया कि नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (NETC) प्रोग्राम के तहत यह पहली बार था जब एक दिन में FASTag से 80 करोड़ रुपये से ज्यादा का टोल कलेक्शन हुआ। 24 दिसंबर 2020 को एक दिन में 50 लाख से ज्यादा का FASTag ट्रांजेक्शन हुआ।
बता दें कि अब तक 2.20 करोड़ से ज्यादा FASTag आवंटित किए गए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कोविड-19 के कारण लोग कॉन्टैक्ट लेस ट्रांजेक्शन को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
RTO में गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी हुआ FASTag
एक जनवरी 2021 से पूरे देशभर में सभी चार वाहनों के लिए FASTag (फास्टैग) लगाना अनिवार्य हो जाएगा। ऐसे में एक जनवरी से नए-पुराने सभी तरह के वाहनों के लिए भी FASTag अनिवार्य होगा, जिन्हें एक दिसंबर 2017 से पहले बेचा गया है। इस पूरे फैसले को लागू करने के लिए सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम-1989 में संशोधन किया है। इससे पहले फास्टैग को एक दिसंबर 2017 के बाद से नए चार पहिया वालों के लिए रजिस्ट्रेशन के समय ही अनिवार्य कर दिया गया था।
25 दिसंबर के बाद से आरटीओ ऑफिस में केवल उन्हीं चार पहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन होगा, जिसमें फास्टैग लगा होगा। देशभर में इसके लिए सभी वाहन डीलरों को इसकी पहले ही जानकारी दे दी गई थी। सभी डीलरों को साफ निर्देश दिया गया है कि वो इस नियम का सख्ती से पालन करें।
बिना FASTag नहीं होगा गाड़ी का थर्ड पार्टी बीमा
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सभी चार पहिया गाड़ियों में एक जनवरी 2020 से FASTag अनिवार्य होगा। ऐसे में जिन वाहनों पर FASTag नहीं लगे होंगे, उन्हें थर्ड पार्टी बीमा नहीं दिया जाएगा। मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि यह व्यवस्था अप्रैल 2021 से लागू हो जाएगी।
गडकरी ने कहा कि यात्रियों के लिए फास्टैग काफी फायदेमंद साबित होगा। फास्टैग के इस्तेमाल से वाहन मालिकों को टोल प्लाजा पर भुगतान करने के लिए नहीं रुकना पड़ेगा। इससे ईंधन और समय दोनों की बचत होगी।