आईओसी के चेयरमैन संजीव सिंह ने कहा, "हमने देश भर में BS6 (भारत स्टेज-6) ग्रेड के ईंधन की आपूर्ति सफलतापूर्वक शुरू कर दी है।" उन्होंने कहा, "देश भर में हमारे सभी 28,000 पेट्रोल पंप एक सप्ताह से अधिक समय से बीएस-VI ग्रेड ईंधन का वितरण कर रहे हैं।"
अन्य ईंधन विक्रेता, Bharat Petroleum Corporation Ltd (BPCL) (भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) और Hindustan Petroleum Corporation Ltd (HPCL) (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) भी उत्तरोत्तर BS6 मानर के ईंधन की आपूर्ति कर रहे हैं और पूरा देश इस सप्ताह के भीतर सबसे स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल करने लग जाएगा।
सरकार ने Euro6 (यूरो-6) उत्सर्जन मानक ईंधन की आपूर्ति शुरू करने की समय सीमा 1 अप्रैल निर्धारित की थी। इसके साथ भारत उस पेट्रोल और डीजल का उपयोग कर देशों के चुनिंदा लीग में शामिल हो गया है, जिसमें सल्फर के प्रति मिलियन 10 मिलियन भाग होते हैं। यह वाहनों के उत्सर्जन में कटौती करने का प्रयास है जो कि प्रमुख शहरों में प्रदूषण के कारणों में से एक है।
आईओसी के चेयरमैन ने कहा कि हमने सिर्फ तीन सालों में ही BS4 (यूरो-4 मानक ईंधन के बराबर) से सीधे BS6 में छलांग लगा दी है।
बता दें कि आईओसी देश के ईंधन बाजार के लगभग आधे हिस्से को नियंत्रित करती है। आईओसी के मुखिया सिंह ने कहा कि लगभग सभी कंपनी के रिफाइनरियों ने 2019 के आखिर तक अल्ट्रा-लो सल्फर BS6 (यूरो-6 ग्रेड के बराबर) पेट्रोल और डीजल का उत्पादन शुरू कर दिया था और इसके बाद देश में ईंधन की प्रत्येक बूंद को नए ईंधन के साथ बदलने का विशाल उपक्रम शुरू हुआ।
उन्होंने कहा, "हमने बिना किसी व्यवधान के BS4 से BS6 ईंधन में परिवर्तिन की इस यात्रा को पूरा कर लिया है।"
यह ऐसे समय में हुआ है जब देश कोरोनो वायरस के प्रकोप से जूझ रहा है और कई प्रतिबंध के साथ राज्यों ने कुछ हिस्सों में लॉकडाउन कर दिया है।