कोरोना वायरस के फैलने की वजह से चीन से वाहन कलपूर्जों की आपूर्ति प्रभावित होने को लेकर भारतीय ऑटो सेक्टर (वाहन उद्योग) डरा हुआ है। लेकिन इसकी वास्तविक स्थिति कुछ दिन बाद ही सामने आ सकेगी जब चीन में कारखाने दोबारा से शुरू होंगे। वाहन विनिर्माताओं के संगठन Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM) यानी सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने यह आशंका जाहिर की है।
सियाम ने सोमवार को कहा कि वह अपनी सदस्य कंपनियों से आंकड़े और जानकारियां जुटा रही है और इसका विश्लेषण करने में कुछ दिन लगेंगे। इसके बाद ही यह पता चल पाएगा कि कोरोना वायरस की वजह से कलपूर्जों की आपूर्ति में क्या कोई व्यवधान उत्पन्न हुआ है? यदि हुआ है तो उसका क्या प्रभाव है?
सियाम के महानिदेशक राजेश मेनन ने बताया, "अभी इस मुद्दे पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। मैं केवल इतना कह सकता हूं कि इसे लेकर भय की स्थिति है और हर किसी को आज का इंतजार है क्योंकि चीनी नववर्ष की छुट्टियों के बाद वहां आज से बाजार खुलने की संभावना है।"
मेनन से कोरोना वायरस की वजह से चीन से वाहन कलपूर्जों की आपूर्ति प्रभावित होने को लेकर प्रश्न किया गया था। उनसे पूछा गया कि यदि चीन से कलपुर्जों की आपूर्ति प्रभावित होती है तो देश में एक अप्रैल से लागू होने जा रही बीएस-4 से बीएस-6 के बदलाव पर क्या असर पड़ेगा?
मेनन ने कहा, "हमें जल्द ही इसके प्रभाव की सटीक स्थिति और संभावित निहितार्थों के बारे में पता होगा। लेकिन एक बात साफ है कि इसे लेकर भय का माहौल है। यह समस्या कितनी बड़ी होगी इस बारे में स्पष्ट जानकारी अगले कुछ दिनों में ही पता चल पाएगी।"
कलपुर्जों की आपूर्ति प्रभावित होने से बीएस-6 व्यवस्था को लागू करने की तारीख आगे बढ़ाने के लिए सियाम के उच्चतम न्यायालय जाने के बारे में मेनन ने कहा, "यह बहुत जल्दबाजी होगी। हमें हमारी सदस्य कंपनियों के निर्णय का इंतजार करना होगा। अगले दो से तीन दिन में स्थिति ज्यादा साफ होगी।"
उन्होंने कहा कि वाहन उद्योग क्षेत्र में पहले, दूसरे और तीसरे दर्जे के आपूर्तिकर्ता होते हैं और इन सभी की जानकारी आना बाकी है। सियाम सदस्य कंपनियों के संपर्क हैं और जब उनके पास अधिक आंकड़े एवं जानकारी होगी वह देखेंगे कि क्या करने की जरूरत है।
कोरोना वायरस की समस्या के बारे में जब मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी केनिची से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में किसी को कुछ नहीं पता है।
बता दें कि चीन में कोरोना वायरस के प्रसार का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। इसकी वजह से वहां कई कारखाने बंद हो गए हैं। इस महामारी से अब तक दुनियाभर में इससे मरने वालों की संख्या 1016 हो गई है। इसके साथ ही 4000 से अधिक नए मामले सामने आए हैं। ऐसे में इस वायरस से संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या अब तक 42,600 तक पहुंच गई है।