सरकार द्वारा प्रदान किए गए हमारे देश में एक प्रमुख बाधा उचित आधारभूत संरचना की कमी है। इलेक्ट्रिक वाहनों के कारण भी कुछ समस्याएं सामने आती हैं जिनको हम ने हल करना है और इनको जल्दबाजी में प्रोत्साहित करने से पहले उनके वैज्ञानिक समाधानों को लागू करने की आवश्यकता है।
इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाने के लिए हमें पहले आधारभूत संरचनाओं को स्थापित करने की जरूरत है जैसे कि चार्जिंग स्टेशनों को स्थापित करना, इलेक्ट्रिक वाहनों के सभी वर्गों के लिए अनुदान योजना, जिनमें दोपहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहन भी शामिल हैं।
इनमें टैक्सीज और इलेक्ट्रिक बसों को भी शामिल किए जाए जिनको सार्वजनिक परिवहन में उपयोग किया जा सकता है। इससे ग्रीन व्हीकल्स को प्रोत्साहित करने और प्रदूषण को काबू करने में मदद मिलेगी।
इस मौके पर श्री आयुष लोहिया, सीईओ, लोहिया ऑटो इंडस्ट्रीज ने कहा कि ऑड-ईवन योजना को लागू करना या पुराने वाहनों पर पाबंदी लगाने से दिल्ली की प्रदूषण की समस्या का कोई समाधान नहीं होने वाला, हमें दिल्ली प्रदूषण को रोकने के लिए स्थायी समाधान की जरूरत है।
इलेक्ट्रिक ट्रांसपोर्टेशन से हालात को काबू किया जा सकता है लेकिन उसके लिए पहले उचित आधारभूत संरचनाओं और सरकारी समर्थन की व्यापक जरूरत है।