Assam Electric Vehicle Policy 2021 : असम अपनी समर्पित इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी (ईवी नीति) का एलान करने वाला भारत का नया राज्य बन गया है। राज्य सरकार ने उस नीति को मंजूरी दे दी है जिसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में कम से कम 200,000 इलेक्ट्रिक वाहन पेश करना है। राज्य सरकार इस सेगमेंट में विकास को आगे बढ़ाने के लिए ईवी खरीदारों को प्रोत्साहन देने के लिए कई इंसेंटिव देगी।
नई ईवी नीति के तहत, असम सरकार 2030 तक अपने मौजूदा सार्वजनिक परिवहन और सरकारी वाहनों को ईवी में बदलने की योजना बना रही है। नई ईवी नीति में वर्ष 2026 तक राज्य में नए पंजीकृत वाहनों के 25 फीसदी ईवी होने का अनुमान लगाया गया है। इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को लागू करने के पहले चरण के रूप में, राज्य सरकार 200 इलेक्ट्रिक बसें और 100 सीएनजी से चलने वाली बसें खरीद रही है। बसों का यह बेड़ा गुवाहाटी में चलेगा।
कितनी मिलेगी सब्सिडी
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असम ईवी पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को 1.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को 20,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी, जबकि तिपहिया वाहनों को 50,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। चार पहिया वाहनों को राज्य सरकार की ओर से 1.5 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी।
ये सब्सिडी FAME-II योजना के लाभों के अलावा दी जाएगी। इसके अलावा, ईवी खरीदारों को रजिस्ट्रेशन फीस (पंजीकरण शुल्क) में छूट, रोड टैक्स और पार्किंग शुल्क छूट का भी लाभ मिलेगा।
अगले 5 साल का लक्ष्य
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असम के प्रमुख सचिव (उद्योग और वाणिज्य) केके द्विवेदी के अनुसार, राज्य में 5 साल के भीतर 200,000 ईवी को रोल आउट करने की योजना है, जिसमें 100,000 दोपहिया वाहन होंगे। इसके अलावा 75,000 तिपहिया वाहन और 25,000 चौपहिया वाहन होंगे।
बिजली बिलों पर 90 फीसदी की छूट
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इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने को बढ़ावा देने के अलावा, असम ईवी नीति राज्य भर में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर भी ध्यान केंद्रित करेगी। जो उद्यमी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करेंगे, उन्हें पहले पांच वर्षों के लिए अपने बिजली बिलों पर 90 फीसदी की छूट मिलेगी।
ऑटो कंपनियों के लिए भी ऑफर
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सरकार सिर्फ मांग को ही प्रोत्साहन नहीं दे रही है, बल्कि असम ईवी नीति का उद्देश्य राज्य में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने के लिए ऑटो कंपनियों को लुभाना भी है। राज्य सरकार ने कहा है कि ईवी बनाने वाली कंपनियों को राज्य में फैक्ट्रियां लगाने पर सब्सिडी मिलेगी। साथ ही, उन्हें बिजली के बिलों में छूट और आयकर में छूट भी मिलेगी।