Hyundai (ह्यूंदै) ने एलान किया है कि वह बिना ड्राइवर के चलने वाली 'सेल्फ ड्राइविंग' इलेक्ट्रिक कार बनाने के लिए टेक्नोलॉजी के क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Apple (एपल) के साथ मिलकर काम करने के लिए शुरुआती बातचीत कर रही है।
खबर की घोषणा होने पर शुक्रवार को दक्षिण कोरियाई कार फर्म के शेयर की कीमत 20 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई।
एक बयान में कहा गया है कि, "Apple और Hyundai चर्चा में हैं लेकिन वे अभी शुरुआती स्तर पर हैं और कुछ भी तय नहीं हुआ है।"
पिछले महीने, ऐसी खबरें आईं थी कि Apple सेल्फ ड्राइविंग कार तकनीक के साथ आगे बढ़ रहा है, जिसे वर्ष 2024 तक लॉन्च किए जाने की योजना है।
बढ़ रहा है इलेक्ट्रिक वाहन बाजार
इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) का बाजार काफी बड़ा हो रहा है और इसमें प्रतिस्पर्धा तेेजी से बढ़ रही है। ईवी का बाजार Tesla (टेस्ला) जैसी कंपनियों के तेजी से बढ़ते मूल्यांकन के साथ ही सुर्खियों में बनी हुई है। टेस्ला के संस्थापक एलन मस्क अब दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति हैं। उन्होंने ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस को पछाड़ते हुए यह स्थान हासिल किया है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि एपल के इलेक्ट्रिक वाहन को तैयार होने में अभी भी कम से कम पांच साल का समय लग सकता है।
उनका कहना है कि कोविड महामारी से जुड़ी देरी को देखते हुए एपल के इलेक्ट्रिक कार के उत्पादन की शुरुआत 2025 या उसके भी बाद हो सकती है।
ह्यूंदै की दिलचस्पी क्यों
ह्यूंदै पहले से ही नई तकनीकों जैसे इलेक्ट्रिक, ड्राइवरलेस और फ्लाइंग कारों में जोर दे रही है।
पिछले महीने, इसने बोस्टन डायनेमिक्स में एक निर्णायक हिस्सेदारी ले ली, जिसमें मोबाइल रोबोट फर्म का मूल्य 1.1 बिलियन डॉलर लगाया गया था।
कंपनी ऑटो पार्ट्स सप्लायर Aptiv (एप्टीव) के साथ एक 4 बिलियन डॉलर (3 बिलियन पाउंड) का ऑटोनॉमस-ड्राइविंग संयुक्त उद्यम भी स्थापित कर रही है।
दोनों साझेदार 2 बिलियन डॉलर का निवेश करेंगे, जबकि आयरलैंड स्थित एप्टीव लगभग 700 इंजीनियरों का योगदान देगा और इस जॉइन्ट वेंचर को पेटेंट और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (बौद्धिक संपदा) हस्तांतरित करेगा।
Apple का इलेक्ट्रिक कार प्रोजेक्ट
इलेक्ट्रिक कार बनाने के लिए एपल की कोशिशें जारी हैं और इसका नाम है प्रोजेक्ट टाइटन। इसका प्रोजेक्ट का खुलासा पहली बार वर्ष 2014 में हुआ था जिसके बाद से यह कई बार चालू और बंद हुआ।
हालांकि इस बात को लेकर अटकलों का बाजार गर्म रहा है कि Apple-ब्रांड वाली कार को असेंबल कौन करेगा। क्योंकि टेक्नोलॉजी के क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एपल के लिए उन्हें अपने दम पर बनाना मुश्किल हो सकता है।
एपल की प्रतिद्वंद्वी कंपनी Alphabet (अल्फाबेट) यानी गूगल ने अपनी सेल्फ-ड्राइविंग कार Waymo (वायमो) के लिए अमेरिका के डेट्रायट में एक कारखाने को चुना है, जहां वह बड़े पैमाने पर अपनी सेल्फ-ड्राइविंग कारों का उत्पादन करता है।