ऐसी स्थिति में आधार से लिंक होने के बाद वह नाम तो बदल सकता है लेकिन अपनी पहचान नहीं बदल सकता। जब भी ऐसा कोई व्यक्ति दूसरे पहचान पत्र से डुप्लिकेट लाइसेंस बनवाना चाहेगा तो सिस्टम तुरंत बताएगा कि इस व्यक्ति के पास पहले से लाइसेंस मौजूद है।
आधार अनिवार्य होने से फर्जी लाइसेंस के जारी किए जाने पर रोक लगाई जा सकती है। इसके अलावा वाहन चालक द्वारा सुरक्षा नियम तोड़ने पर काटे गए चालान का भी रिकॉर्ड रखा जाएगा। जिससे बिना चालान दिए वाहन चलाना कठिन होगा।
प्रसाद ने बताया कि भारत में ड्राइविंग लाइसेंस पाने की प्रक्रिया बहुत अव्यवस्थित है, ऐसे में इसे बेहतर बनाने का काम सरकार द्वारा किया जा रहा है। सरकार बेहतर ड्राइवर ट्रेनिंग स्कूल भी शुरू कर रही है जिसके द्वारा ड्राइवर्स को अच्छे से ड्राइविंग सिखाई जा सके।