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Tata Motors: टाटा मोटर्स पश्चिम बंगाल से 766 करोड़ रुपये वसूल सकता है, मध्यस्थता पैनल का फैसला

Mon, 30 Oct 2023 08:11 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पश्चिम बंगाल सरकार को सिंगूर में टाटा मोटर्स की नैनो फैक्ट्री को बंद करने के लिए कंपनी को सितंबर 2016 से 11 प्रतिशत ब्याज के साथ 765.78 करोड़ रुपये की बड़ी राशि का भुगतान करना होगा।
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Tata Motors - फोटो : Social Media
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल सरकार को सिंगूर में टाटा मोटर्स की नैनो फैक्ट्री को बंद करने के लिए कंपनी को सितंबर 2016 से 11 प्रतिशत ब्याज के साथ 765.78 करोड़ रुपये की बड़ी राशि का भुगतान करना होगा। तीन सदस्यीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण से सोमवार को कंपनी के पक्ष में सर्वसम्मति से फैसला आया।
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Tata Motors (टाटा मोटर्स) ने सोमवार को कहा कि एक मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम को सिंगूर में उसके मैन्युफेक्चरिंग साइट (विनिर्माण स्थल) पर हुए नुकसान के संबंध में कंपनी को 766 करोड़ रुपये का मुआवजा देने को कहा है।

भूमि विवाद के कारण अक्तूबर 2008 में टाटा मोटर्स को छोटी कार नैनो का उत्पादन करने के लिए अपने प्लांट को पश्चिम बंगाल के सिंगुर से गुजरात के साणंद में स्थानांतरित करना पड़ा। तब तक टाटा सिंगूर में 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश कर चुका था।
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एक नियामक फाइलिंग में, ऑटो प्रमुख ने कहा कि तीन सदस्यीय पंचाट न्यायाधिकरण ने फैसला सुनाया है कि कंपनी प्रतिवादी पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (WBIDC) (डब्ल्यूबीआईडीसी) से, 1 सितंबर 2016 से उसकी वास्तविक वसूली तक, 765.78 करोड़ रुपये की राशि 11 प्रतिशत प्रति वर्ष ब्याज के साथ वसूलने की हकदार है। 

यह मुआवजा सिंगूर में ऑटोमोबाइल विनिर्माण सुविधा के संबंध में पूंजी निवेश के नुकसान सहित विभिन्न मदों के तहत डब्ल्यूबीआईडीसी से मुआवजे के ऑटो प्रमुख के दावे के संबंध में है।

मुंबई स्थित ऑटो प्रमुख ने कहा, "यह सूचित किया जाता है कि तीन-सदस्यीय पंचाट न्यायाधिकरण के समक्ष उपरोक्त लंबित मध्यस्थता कार्यवाही को आखिरकार टाटा मोटर्स के पक्ष में 30 अक्तूबर, 2023 के सर्वसम्मत फैसले द्वारा निपटा दिया गया है।"

इसमें कहा गया है कि टाटा मोटर्स को प्रतिवादी (डब्ल्यूबीआईडीसी) से कार्यवाही की लागत के लिए 1 करोड़ रुपये की राशि वसूलने का भी हकदार माना गया है।

इसमें कहा गया है, "जैसा कि ऊपर बताया गया है, अंतिम मध्यस्थता निर्णय के साथ, मध्यस्थ कार्यवाही समाप्त हो गई है।"

जून 2010 में, टाटा मोटर्स ने नैनो के उत्पादन के लिए साणंद में एक नए प्लांट का उद्घाटन किया। कंपनी ने अब नैनो की बिक्री बंद कर दी है।

भूमि विवाद के कारण प्लांट को पश्चिम बंगाल से बाहर स्थानांतरित करने के लिए मजबूर होने के लगभग दो साल बाद इसका उद्घाटन हुआ।

साणंद प्लांट का उद्घाटन तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और टाटा समूह के अध्यक्ष रतन टाटा ने किया था।

सिर्फ 1 लाख रुपये की लागत वाली कार बनाने के रतन टाटा के सपने को कई तकनीकी और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। रतन टाटा ने साल 2003 में एक लखटकिया कार पेश करने की कल्पना की थी।
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प्लांट के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस के विरोध के बीच, टाटा ने अक्तूबर 2008 में नैनो के विनिर्माण आधार को सिंगुर से साणंद में स्थानांतरित कर दिया।

टाटा मोटर्स ने आखिरकार 2020 में नैनो की बिक्री बंद कर दी।
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