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Electric Buses: एम्स चलाएगा 14 सीटों वाली लो फ्लोर ई-बस सेवा, अंतिम मील तक परिवहन बढ़ाना मकसद

Wed, 31 Jul 2024 06:44 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) नई दिल्ली परिसर के भीतर विभिन्न सुविधाओं तक आसानी से पहुंच उपलब्ध कराने के लिए इलेक्ट्रिक बसें (ई-बस) शुरू करने जा रहा है।
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एम्स - फोटो : ANI
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विस्तार
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) नई दिल्ली परिसर के भीतर विभिन्न सुविधाओं तक आसानी से पहुंच उपलब्ध कराने के लिए नजदीकी मेट्रो स्टेशनों और बस स्टॉप से इलेक्ट्रिक बसें (ई-बस) शुरू करने जा रहा है। इस सेवा का मकसद लंबी पैदल दूरी, महंगे ऑटो रिक्शा और मरीजों और उनके परिचारकों के लिए परिवहन विकल्पों की कमी जैसी समस्याओं का समाधान करना है। जिससे परिसर में यात्रा आसान और सुविधाजनक हो सके।
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अधिकारियों के अनुसार, ई-बस सेवा का मकसद मरीजों के लिए कनेक्टिविटी और सेवाओं को बढ़ाना है। जिससे परिसर के भीतर यात्रा सुगम हो सके। ये 14 सीट वाली ई-बसें आधुनिक सुविधाओं जैसे एयर कंडीशनिंग, आसान प्रवेश के लिए नीची फर्श और व्हीलचेयर पहुंच के साथ सिर्फ AIIMS मरीजों और उनके देखभाल करने वालों के लिए उपलब्ध होंगी।

यह सेवा नियमित दिनों में पीक आवर (सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक) के दौरान हर 10 मिनट में और सोमवार को छोड़कर छुट्टियों पर हर 15 मिनट में चलेगी। ई-बसों में मरीजों की सुविधा के लिए निर्धारित स्टॉप होंगे, जहां शेल्टर और कॉल बटन भी होगा। बेहतर सुरक्षा और लाइव मॉनिटरिंग के लिए इनमें सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस ट्रैकिंग भी लगाए जाएंगे। रीयल-टाइम बस ट्रैकिंग और सर्विस फीडबैक के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन उपलब्ध होगा। जिसमें UPI या AIIMS स्मार्ट कार्ड के जरिए किराया लिया जाएगा। 

अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से ट्रैफिक की भीड़ कम होगी, पर्यावरण प्रदूषण और कार्बन फुटप्रिंट कम होंगे और शोर का प्रदूषण कम होगा।

AIIMS दिल्ली के निदेशक डॉ. (प्रोफेसर) एम श्रीनिवास ने कहा, "अपने मरीजों को सर्वोत्तम रोगी देखभाल सेवाएं प्रदान करने के लिए की जा रही ऐसी पहलों के तहत, हम AIIMS नई दिल्ली में रोगी के अनुभव को हर दिन बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह पहल न सिर्फ हमारे मरीजों की परिवहन समस्याओं का समाधान करेगी। बल्कि परिसर के भीतर एक विश्वसनीय और सुविधाजनक सवारी भी प्रदान करेगी।"
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मीडिया सेल की पीआईसी डॉ. (प्रोफेसर) रीमा दादा ने कहा, "हम चाहते हैं कि हमारे परिसर में आने वाले मरीजों की यात्रा उनके परिचारकों के साथ पूरी तरह से सुचारू और परेशानी मुक्त हो। यात्रा पैकेज की शुरुआत एक ऐसे मॉडल का विस्तार है जो यात्रियों को स्थानांतरित करने के इर्द-गिर्द बनाया गया है।"
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