इस साल की शुरुआत में, केरल राज्य सरकार ने यातायात उल्लंघनों की निगरानी के लिए 'सुरक्षित केरल' परियोजना के तहत राज्य भर में 700 से ज्यादा एआई (AI) (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कैमरे लगाए थे। बाद में देखा गया कि कैमरे लगने के बाद राज्य में दुर्घटनाएं और यातायात उल्लंघन दोनों में काफी कमी आई है। राज्य में एक हालिया घटना कानून प्रवर्तन में एआई की भूमिका पर रोशनी डालती है। जहां पुलिस कार चला रहे दो पुलिस कर्मियों को सीट बेल्ट नहीं पहनने के लिए चालान जारी किया गया था।
ये कैमरे यातायात पर नजर रखते हैं और उल्लंघन करने वालों को ऑटोमैटिक रूप से चालान जारी करते हैं। एआई कैमरे बिना इंसानी हस्तक्षेप की जरूरत के, हफ्ते में सभी दिन चौबीसों घंटे (24/7) यातायात स्थितियों की निगरानी कर सकते हैं और उल्लंघनकर्ताओं की पहचान कर सकते हैं। इंटरनेट पर सामने आए एक फुटेज में, केरल पुलिस की एक गाड़ी (एक शेवरले टवेरा नियो एसयूवी) को AI कैमरे के नीचे से दो बार गुजरते देखा जा सकता है। यह पता नहीं चल पाया है कि गाड़ी की सही लोकेशन क्या थी।
दिन के उजाले के दौरान ली गई पहली तस्वीर में, ड्राइवर को सीट बेल्ट पहने देखा गया, जबकि सह-यात्री ने सीट बेल्ट नहीं पहना था। बाद में दिन में ली गई एक अन्य तस्वीर में, दोनों पुलिस अधिकारियों ने अपनी सीट बेल्ट नहीं पहनी हुई थी। जिसके कारण अपराध के लिए चालान ऑटोमैटिक तरीके से जारी किए गए थे। यह चालान केरल मोटर वाहन विभाग द्वारा जारी किया गया था।
वीडियो ने इंटरनेट पर एक बहस छेड़ दी है। जिसमें यूजर्स इन कैमरों की निष्पक्ष प्रकृति की सराहना कर रहे हैं। साथ ही यह यूजर्स को कानूनों का पालन करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा। क्योंकि कोई मानवीय हस्तक्षेप न होने पर भी उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।