देश की सड़कों पर कितना और किस तरह का ट्रैफिक होता है,ये तो आप जानते ही होंगे। दुनिया के बाकी देशों के मुकाबले भारत की सड़कों पर अलग-अलग दिशाओं से ट्रैफिक आता है। इसके साथ ही तीन पहिया वाहनों का ट्रैफिक, सड़क पर जानवरों की उपस्थिति के अलावा कई तरह की चुनौतियां आती है। इन फीचर्स की वजह से एडीएएस ड्राइवर के लिए कई तरह की परेशानियां खड़ी करता है।
देश में ज्यादातर कार, बस, ट्रक और तीन पहिया वाहन चालकों को यातायात के बेसिक नियमों की भी जानकारी नहीं है। इसके साथ ही सड़क पर चलने वाले लोग गाड़ी चलाने में और परेशानी पैदा करता है। देश की सड़कों पर काफी वाहन चालक गलत साइड से आते हैं और ओवरटेक भी करते हैं। इसके अलावा सिग्नल का उल्लंघन आदि भी कई नियमों का पालन नहीं करते हैं। ऐसे में वाहन चालकों के लिए एडीएएस फीचर एक परेशान करने वाला कारण बन जाता है। इसका ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग काफी शानदार है, मगर ऐसी स्थिति में ये काफी कठिनाई भरा हो जाता है।
देश की अधिकतर सड़कों पर बोर्ड साइन की कमी है। साथ ही जिन सड़कों पर ट्रैफिक साइन बोर्ड लगे हैं, वो सही तरीके से नहीं लगे हैं। कई सड़कों पर ट्रैफिक सिग्नल पेड़ों के पीछे हो जाते हैं। सड़कों पर पेड़ों की वजह से रास्ता बंद, कई जगहों पर विज्ञापनों के बोर्ड की वजह से परेशानी आदि एडीएएस फीचर के लिए परेशानी खड़ी करते हैं। इस वजह से लेन डिपार्चर असिस्ट और लेन कीप असिस्ट जैसे फीचर्स सही से काम नहीं करते हैं।
सड़कों पर लेन मार्किंग की कमी गाड़ियों में लेन नियमों को फॉलो न करने की बड़ी वजह है। देश के हाइवे और एक्सप्रेसवे पर भी वाहन चालक ड्राइविंग के दौरान लेन बदलने का इंडीकेटर नहीं देते हैं। ऐसे में लेन कीप असिस्ट और लेन डिपार्चर अलर्ट फीचर सही से काम ही नहीं करते हैं। ऐसे में अधिकतर सड़कों पर गाड़ियां लेन के नियम को सही ढंग से फॉलो नहीं करती हैं। एडीएएस में मिलने वाला ये फीचर एक तरह से बेकार साबित होता है।