Car Service Interval Guide 2026: नई कार तो ले ली, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उसकी सर्विसिंग का असली गोल्डन रूल क्या है? कई लोग सोचते हैं कि कम चलने वाली गाड़ी को सर्विस की जरूरत नहीं होती, जबकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि समय की पाबंदी किलोमीटर से ज्यादा जरूरी है। जानें मारुति से लेकर टाटा तक, कंपनियां क्यों 'जो पहले पूरा हो' की सलाह देती हैं? इस रिपोर्ट में समझें समय पर सर्विसिंग कराने और सुरक्षित ड्राइविंग के आसान टिप्स।
नई कार खरीदने के बाद कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि गाड़ी की सर्विस आखिर कब करानी चाहिए। 10 हजार किलोमीटर चलने के बाद या एक साल पूरा होने पर। ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स का मानना है कि कार की बेहतर परफॉर्मेंस और लंबी उम्र के लिए सही समय पर सर्विस कराना बेहद जरूरी होता है। अगर समय पर सर्विस नहीं कराई जाए तो इंजन और गाड़ी के दूसरे जरूरी पार्ट्स पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, जिससे आगे चलकर महंगे रिपेयर की जरूरत पड़ सकती है।
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क्या कहते हैं कार निर्माता
अधिकांश ऑटो कंपनियां सलाह देती हैं कि कार की सर्विस 10 हजार किलोमीटर या एक साल के अंदर जरूर करानी चाहिए, जो भी पहले पूरा हो जाए। भारत में प्रमुख कंपनियां जैसे मारुति सुजुकी, ह्यूंदै मोटर कंपनी और टाटा मोटर्स भी इसी तरह का सर्विस शेड्यूल सुझाती हैं।अगर आपकी कार एक साल के भीतर 10 हजार किलोमीटर से ज्यादा चल जाती है, तो 10 हजार किमी पर सर्विस करा लेनी चाहिए। वहीं अगर गाड़ी कम चली है लेकिन एक साल पूरा हो गया है, तब भी सर्विस जरूरी मानी जाती है।
कम चली कार की भी क्यों जरूरी है सर्विस
कई लोग सोचते हैं कि अगर कार कम चली है तो सर्विस कराने की जरूरत नहीं है, लेकिन यह धारणा सही नहीं है। क्योंकि समय के साथ इंजन ऑयल की गुणवत्ता कम होने लगती है, एयर फिल्टर और ऑयल फिल्टर गंदे हो सकते हैं और ब्रेक ऑयल और कूलेंट का असर घट सकता है। इसलिए भले ही कार ज्यादा न चली हो, लेकिन एक साल के बाद सर्विस कराना जरूरी होता है।
कार सर्विस के दौरान क्या-क्या चेक होता है
कार की नियमित सर्विस के दौरान कई चीजों की जांच की जाती है ताकि गाड़ी सुरक्षित और स्मूद चलती रहे। सर्विस में आमतौर पर ये काम किए जाते हैं:
इंजन ऑयल बदलना।
ऑयल फिल्टर और एयर फिल्टर की जांच।
ब्रेक सिस्टम की जांच।
बैटरी की स्थिति चेक करना।
टायर प्रेशर की जांच।
इसके अलावा सस्पेंशन, कूलेंट लेवल, वाइपर, लाइट्स और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम भी चेक किए जाते हैं।