Vastu Tips: हिंदू धर्म में दीपक जलाने का विशेष महत्व है। ज्योतिष शास्त्र में भी देवी-देवताओं की पूजा में दीपक जलाना शुभ बताया गया है। मान्यता है कि दीपक की रोशनी में ईश्वर की उपस्थिति होती है, जो नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है। दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-शांति का वास होता है। इसके साथ ही सभी कष्टों का निवारण होता है। यही वजह है कि धार्मिक अनुष्ठानों और शुभ कार्यों में दीपक जलाना अनिवार्य माना गया है। यदि आप आर्थिक समस्या का सामना कर रहे हैं, तो इसमें भी दीपक आपकी मदद कर सकता है। दरअसल दीपक से जुड़े कुछ आसान उपायों को अपनाकर आप अपनी किस्मत बदल सकते हैं। इससे आपकी आमदनी बढ़ा सकती है और जीवन की परेशानियों को दूर किया जा सकता है।
दीपक के विशेष उपाय
1. शनि दोष और राहु-केतु से मुक्ति
अगर कुंडली में राहु-केतु या शनि दोष है, तो सुबह और शाम अलसी के तेल का दीपक जलाएं। शनिवार को शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि दोष और शनि के प्रकोप से मुक्ति मिलती है। यह उपाय राहु-केतु के प्रभाव को भी कम करता है।
2. डर और शत्रुओं से रक्षा
अगर आपको बार-बार अनजान डर सताता है या शत्रु परेशान कर रहे हैं, तो सोमवार और शनिवार को भैरव मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इससे भय और शत्रुओं की परेशानी खत्म होती है, और आपके आसपास एक सुरक्षा घेरा बनता है।
3. मान-सम्मान में वृद्धि
समाज में प्रतिष्ठा और मान-सम्मान पाने के लिए रोज सुबह सूर्य देव को जल चढ़ाएं और देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें। यह उपाय आपके कार्यों में प्रगति लाएगा और सम्मान बढ़ाएगा।
4. सुख-समृद्धि के लिए उपाय
हर दिन बाल गोपाल के सामने और गुरुवार को भगवान विष्णु के समक्ष देसी घी का दीपक जलाएं। इसके साथ ही "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः" मंत्र का 108 बार जप करें। यह उपाय घर में सुख-शांति और समृद्धि लाता है।
5. धन संबंधी समस्याओं का निवारण
मां लक्ष्मी के सामने सात बत्तियों वाला दीपक जलाने से धन की समस्या दूर होती है और रुका हुआ धन प्राप्त होता है। साथ ही बुद्धि की वृद्धि के लिए मां सरस्वती के सामने दो बत्तियों वाला दीपक जलाएं।
6. धन-धान्य में वृद्धि
बुधवार को भगवान गणेश के सामने तीन मुख वाला देसी घी का दीपक जलाएं और दूर्वा घास चढ़ाएं। यह उपाय घर में धन-धान्य की कमी को दूर करता है और आमदनी के नए अवसर प्रदान करता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।